नई दिल्ली: राजधानी में फरवरी 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीछे की ‘बड़ी साजिश’ से जुड़े UAPA मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने आरोपी अतहर खान और सलीम मलिक की याचिकाओं पर पुलिस से जवाब तलब किया है।
अदालत ने दिल्ली पुलिस को इस मामले में दो हफ़्तों के अंदर एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 3 मार्च की तारीख तय की गई है। दोनों आरोपियों ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बनाया आधार
सुनवाई के दौरान, आरोपी सलीम मलिक की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर लगे आरोप सह-आरोपी सलीम खान और शादाब अहमद के समान ही हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इन दोनों सह-आरोपियों को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर मलिक को भी राहत मिलनी चाहिए।
इसी तरह, दूसरे आरोपी अथर खान के वकील ने भी सलीम खान के मामले का हवाला देते हुए अपने मुवक्किल के लिए जमानत की मांग की। दोनों ने 29 जनवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
पुलिस ने किया विरोध, कोर्ट ने मांगा रिकॉर्ड
वहीं, दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए वकील ध्रुव पांडे ने जमानत याचिकाओं का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि इन आरोपियों की स्थिति उन लोगों जैसी ही है जिन्हें जमानत मिल चुकी है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद, हाई कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) से केस का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगली सुनवाई की तारीख पर मामले में कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा।
क्या है दिल्ली दंगों का ‘बड़ी साजिश’ मामला?
यह मामला 2019-2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया है कि ये दंगे एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थे। इस मामले में कई छात्र कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम, ताहिर हुसैन, खालिद सैफी और गुलफिशा फातिमा समेत कई अन्य लोग आरोपी हैं। कुछ आरोपियों जैसे आसिफ इकबाल तन्हा, देवांगना कलिता और नताशा नरवाल को पहले ही जमानत मिल चुकी है।





