नए वेतन आयोग से कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन में कितनी होगी वृद्धि? भत्तों-फिटमेंट फैक्टर पर क्या पड़ेगा असर? जानें सबकुछ

8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की सैलरी पेंशन और भत्तों में कितना बदलाव होगा। फिटमेंट फैक्टर पर कितना असर पड़ेगा। लेवल के हिसाब से बेसिक सैलरी कितनी होगी। आईए जानते है इन सभी सवालों के जवाब..............
8TH PAY COMMISSION

8th Pay Commission : 6 महीने बाद यानि 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, ऐसे में 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग को लागू किया जाना है हालांकि सिफारिश लागू होने की संभावना कम है। मामला 2026 अंत या 2027 तक पहुंच सकता है, क्योंकि नए वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में करीब 12 से 18 महीने लगते हैं और अबतक टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) भी तय नहीं हुए हैं।

दरअसल, देश में हर 10 साल बाद वेतन आयोग को गठित किया जाता है। इसका उद्देश्य सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाले वेतन, भत्तों और पेंशन लाभ की समीक्षा करना है। 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद देश के 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इसके अलावा डीए-भत्तों और फिटमेंट फैक्टर पर कितना असर पड़ेगा।  आईए जानते है विस्तार से……..

फिटमेंट फैक्टर पर क्या पड़ेगा असर?

  • फिटमेंट फैक्टर का केन्द्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय करने में अहम रोल माना जाता है।फिटमेंट फैक्टर एक संख्या है जिसका इस्तेमाल कर्मचारी के मूल वेतन की गणना के लिए किया जाता है।इस फैक्टर के कारण ही कर्मचारियों के वेतन में अच्छी खासी वृद्धि होती है।
  • छठे वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 था और न्यूनतम मूल वेतन 2,750 रुपये से बढ़कर 7,000 रुपये हो गया था। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया।
  • अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.5 से 2.86 के बीच रखा जाता है तो इससे कर्मचारियों के वेतन में 40,000 से 45,000 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है।इसका लाभ 45 लाख कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनधारकों को मिलेगा।

अलग-अलग लेवल पर कितनी बढ़ेगी सैलरी?

8वें वेतन आयोग में अलग-अलग पे लेवल पर कितनी सैलरी मिल सकती है, आईए जानते है…….

  • लेवल 3 (ग्रेड पे 2000): बेसिक सैलरी लगभग 57,456 रुपये, कुल सैलरी 74,845 रुपये, डिडक्शन के बाद इनहैंड सैलरी करीब 68,849 रुपये।
  • लेवल 6 (ग्रेड पे 4200): बेसिक सैलरी करीब 93,708 रुपये, कुल सैलरी 1,19,798 रुपये, इनहैंड सैलरी लगभग 1,09,977 रुपये।
  • लेवल 9 (ग्रेड पे 5400): बेसिक सैलरी 1,40,220 रुपये, कुल सैलरी 1,81,073 रुपये, इनहैंड करीब 1,66,401 रुपये।
  • लेवल 11 (ग्रेड पे 6600): बेसिक 1,84,452 रुपये, कुल सैलरी 2,35,920 रुपये, इनहैंड सैलरी करीब 2,16,825 रुपये।

डीए-अलाउंस में भी होगा बदलाव

  • 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा या फिर कोई नया फॉर्मूला तय होगा, इसको लेकर काफी चर्चा तेज है, क्योंकि 2016 में 125% DA को मर्ज कर दिया गया था और DA की गणना फिर से शुरू हुई थी।खबर है कि इस बार भी सरकार DA की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले फार्मूले को पूरी तरह बदलने पर विचार कर रही है।2016 की तरह नए वेतन आयोग में कर्मचारियों के पे स्केल, प्रमोशन, और सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव हो सकते हैं।
  • बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ-साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे भत्तों में भी बदलाव होगा। चुंकी हर वेतन आयोग के साथ हाउस रेंट अलाउंस की दरों में संशोधन किया जाता है।6वें वेतन आयोग में HRA की दरें 30% (X शहर), 20% (Yशहर)और 10% (Z शहर) की दर से रिवाइज की गई थी। 7वें वेतन आयोग इसे 24, 16 व 8% रिवाइज किया गया था।50% डीए होने पर HRA को बढ़ाकर 30,20, 10% कर दिया गया, ऐसे में अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में भी HRA की दरों फिर से बेसिक पे और डीए स्ट्रक्चर के अनुसार रिवाइज किया जा सकता है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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