भारत में इस साल 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड होगी, जिसमें सेना के शौर्य और देश के संस्कृति का गौरव देखने को मिलेगा। परेड को देखने के लिए देश-विदेश से हजारों लोग पहुंचते हैं। राष्ट्रपति, विदेशी अतिथि और कई वीवीआईपी की मौजूदगी के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहती है। भारत की परंपरा है कि गणतंत्र दिवस की परेड में अन्य देशों के राजनेता को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है। चलिए जानते हैं कि इस साल परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर कौन शामिल होगा?
बता दें कि भारत ने इस बार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय संघ के शीर्ष दो नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जिसमें यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा को न्योता दिया गया है। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के दोनों प्रमुख नेताओं को एक साथ गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया है।
तीन दिन की भारत यात्रा पर रहेंगे दोनों नेता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर दोनों नेता 25 जनवरी से तीन दिन की भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान, दोनों नेता 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के साथ-साथ एक भारत-यूरोपीय संघ व्यापार मंच का आयोजन भी होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। 15वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन 15 जुलाई 2020 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया था। पिछले वर्ष फरवरी में यूरोपीय संघ के आयुक्तों के भारत दौरे के बाद से द्विपक्षीय संबंध और गहन हुए हैं। मंत्रालय ने कहा कि 77वें गणतंत्र दिवस और 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ के नेताओं की भागीदारी से भारत-यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी गहरी होगी और अनेक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
परेड में शामिल मुख्य अतिथि का भारत में सम्मान
बता दें कि किसी विदेशी नेता को भारत का मुख्य अतिथि बनाया जाना उसके लिए सर्वोच्च सम्मान होता है। वो गणतंत्र दिवस की सभी सेरेमनी के दौरान मौजूद रहते हैं। उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है। राष्ट्रपति भवन में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जाता है और शाम के समय भारत के राष्ट्रपति उनके सम्मान में विशेष रिसेप्शन का आयोजन करते हैं।
इसके साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को राजघाट पर जाकर श्रद्धांजलि देते हैं। उनके सम्मान में प्रधानमंत्री विशेष आयोजन करते हैं जिसमें उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री समेत कई दिग्गज उनके मुलाकात करते हैं। यही वजह है कि कई मायनों में मुख्य अतिथि को दिया जाने वाला सम्मान बहुत खास होता है।





