
उद्योगपति गौतम अडानी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा अडानी समूह की कंपनियों को क्लीन चिट दिए जाने के बाद कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च के दावे पूरी तरह निराधार थे। हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिनमें शेयर बाजार में हेरफेर और वित्तीय अनियमितताओं का दावा शामिल था।
किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं
सेबी की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि अडानी समूह की कंपनियों ने किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं की। अडानी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह न केवल उनके समूह के लिए, बल्कि भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी कंपनियां हमेशा पारदर्शिता और नियमों का पालन करती हैं।
अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी, जिससे निवेशकों का विश्वास डगमगा गया था। लेकिन सेबी की क्लीन चिट ने निवेशकों के बीच भरोसा बहाल करने में मदद की है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अडानी समूह की कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत है।
