कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, पुरानी पेंशन योजना पर नया अपडेट, आवेदन के लिए बढ़ेगी अवधि, वित्त मंत्री का बयान

विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा किपुरानी पेंशन को लेकर आवेदन नहीं करने वाले कर्मियों को राज्य सरकार एक और मौका देगी।
Pension plan

Old Pension Scheme 2025 : झारखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। पुरानी पेंशन योजना को लेकर नया अपडेट सामने आया है। पुरानी पेंशन को लेकर आवेदन नहीं करने वाले कर्मियों को राज्य की हेमंत सोरेन सरकार एक और मौका देगी ।यह जानकारी विधानसभा सदन में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दी है।

दरअसल, झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल ने ध्यानाकर्षण सूचना के तहत पुरानी पेंशन योजना की अवधि को लेकर सवाल उठाया था। इस पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर जवाब देते हुए कहा किपुरानी पेंशन को लेकर आवेदन नहीं करने वाले कर्मियों को राज्य सरकार एक और मौका देगी। ओपीएस के लिए आवेदन करने से वंचित रह गये कर्मियों के लिए समयावधि बढ़ाई जायेगी।इसके लिए वित्त विभाग को निर्देश दिए गए है।

अबतक क्या है पुरानी पेंशन योजना पर स्थिति

अब तक कितने आवेदन मिले और कितनों पर कार्रवाई हुई के सवाल पर वित्त मंत्री ने विधानसभा में बताया कि पुरानी पेंशन को लेकर लगभग 2300 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं। लगभग 8200 आवेदन में त्रुटियां है। अब तक पुरानी पेंशन के तहत संबंधित कर्मियों के खाते में लगभग 30 करोड़ रुपये दिये गये हैं और सरकार के खाते में लगभग 31 करोड़ रुपये हैं। कर्मी अपने मूल विभाग में आवेदन करते हैं। विभाग उसमें आदेश पारित करता है। इसके बाद केंद्र में एनएसपीएल को भेजा जाता है। वहां से स्वीकृति के बाद यह वापस आता है।

जानिए क्या अंतर है OPS और NPS में

  • OPS में सरकारी कर्मचारी के रिटायर होने के बाद आखिरी मूल वेतन और महंगाई भत्ते की आधी रकम बतौर पेंशन ताउम्र सरकार के राजकोष से दी जाती है।
  • NPS के तहत सरकारी कर्मचारी को अपनी पेंशन में मूल वेतन का 10 फीसदी देना होता है और इसमें राज्य सरकार केवल 14% का ही योगदान देती है।
  • OPS में हर साल दो बार महंगाई भत्ता भी बढ़कर मिलता है,पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के पेंशन दिए जाना भी ओपीएस में शामिल हैं।
  • OPS में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी मिलती है।NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।
  • न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में 6 महीने के उपरांत मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू नहीं होता है।OPS में कर्मचारियों के लिए 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाता है।
  • पेंशन कमीशन के लागू होने पर पेंशन रिवाइज्ड होने का फायदा भी रिटायर कर्मचारी को मिलता है।
  • सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।NPS शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें महंगाई भत्ते का प्रावधान शामिल नहीं है।
  • NPS में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को कुल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है।
  • OPS के विपरीत नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के अनुसार जो भी पैसा मिलेगा,आपको उसपर टैक्स देना होता है।
  • OPS में कर्मचारी के रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर उसे किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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