हिजाब मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी छात्राएं

हिजाब मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी छात्राएं

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। हिजाब मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट (Karnataka High Court) के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वकील ने कहा कि छात्राओं ने संविधान और कोर्ट से उम्मीद नहीं छोड़ी है। जल्दी ही इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जायेंगे।

हिजाब मामले पर चले आ रहे विवाद के बीच आज मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए स्कूल कॉलेजों में हिजाब (Hijab In School College) बैन के फैसले को चुनौती देने वालीं छात्राओं की याचिकाओं को खारिज कर दिया है।  इस फैसले के बाद अब कोई स्कूल कॉलेज में हिजाब पहनकर नहीं जा सकेगा।

ये भी पढ़ें – स्कूल-कॉलेज में हिजाब मामले में बड़ा फैसला, जानें हाईकोर्ट ने क्या कहा, कई जिलों में धारा 144

उधर कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कुछ लोग इस फैसले को सही बताते हुए इसकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग इस फैसले को मुस्लिम लड़कियों के हक़ छीनने जैसा बता रहे हैं। इस बीच अब कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तयारी शुरू हो गई है।

ये भी पढ़ें – BPSC Recruitment 2022 : 107 पदों पर निकली वैकेंसी, आज से भर्ती प्रक्रिया शुरू

सुप्रीम कोर्ट के वकील अनस तनवीर ने अपने ट्विटर हैंडिल पर पोस्ट लिखकर जानकारी दी है कि वो उडुपी में अपने क्लाइंट से मिले।  इंशाअल्लाह हम जड़ ही सुप्रीम कोर्ट जायेंगे। ये लड़कियां अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए हिजाब के लिए अपने अधिकारों के लिए लड़ रही हैं इन्होने अभी कोर्ट और संविधान से उम्मीद नहीं छोड़ी है।

ये भी पढ़ें – अजय देवगन की फिल्म Runway34 का टीज़र आउट, कई बड़े Celebrities फिल्म में आएंगे नजर

उन्होंने अपने ट्विटर पर अंग्रेजी में लिखा –  मैंने हमेशा माना कि हमें हिजाब मामले में कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाना चाहिए था, हालाँकि यह किया गया था और अपरिहार्य हुआ है, सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए मुझे गाली देने वालों को पता होना चाहिए कि अब कोई दूसरा विकल्प नहीं है। फैसला गलत है और इसे चुनौती दी जानी चाहिए।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews