हजारों कर्मचारियों-शिक्षकों के लिए खुशखबरी, मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ, ये रहेगी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा ओपीएस पर फैसला लेने के बाद अब प्रदेश के 60 हजार शिक्षकों को इसका फायदा मिलेगा। राज्य के शिक्षकों को नई और पुरानी पेंशन में से एक विकल्प चुनने के लिए वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।
OLD PENSION SCHEME

UP Old Pension Scheme 2024 : उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। प्रदेश के 60 हजार शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। इस संबंध में 28 जून 2024 को इसका शासनादेश भी जारी दिया गया और अब गुरुवार को वित्त विभाग ने आदेश जारी कर शिक्षकों को विकल्प भरने के लिए कह दिया है। विकल्प के आधार पर उनको पुरानी पेंशन के सभी लाभ दिए जाएंगे।

अब 60 हजार शिक्षकों को भी मिलेगा ओपीएस का लाभ

  • दरअसल, यूपी में नई पेंशन स्कीम 1 अप्रैल 2005 से लागू की गई थी, इसके लिए अधिसूचना 28 मार्च 2005 को लागू हो गई थी। विशिष्ट बीटीसी और अन्य भर्तियों के जरिए चयनित लगभग 60000 शिक्षक और कर्मचारी ऐसे थे, जिनकी नियुक्ति तो 2006 में हुई थी, लेकिन इसका विज्ञापन नई पेंशन की अधिसूचना जारी होने के पहले निकला था, इसलिए वह विज्ञापन के आधार पर लगातार पुरानी पेंशन में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे और मामला हाई कोर्ट पहुंच गया था।इसके बाद सरकार ने इस पर फैसला लिया।

पिछले महीने कैबिनेट ने दी थी प्रस्ताव को मंजूरी

  • 25 जून 2024 को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया।इसके तहत अधिसूचना के पहले के विज्ञापन से नियुक्ति शिक्षकों-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने की इजाजत दी गई। इसमें कहा गया कि 28.03.2005 से पहले नौकरियों के विज्ञापन की नौकरी वालों को पुरानी पेंशन का लाभ लेने के ऑप्शन दिया जएगा।
  • 28 जून को इसका शासनादेश भी जारी दिया गया। इसके बाद 12 जुलाई गुरुवार को वित्त विभाग ने इसका आदेश जारी कर शिक्षकों को विकल्प भरने के लिए कह दिया है। विकल्प के आधार पर उनको पुरानी पेंशन के सभी लाभ दिए जाएंगे।ध्यान रहे शिक्षकों की ओर से भरा गया यह विकल्प अंतिम होगा। इसके बाद वह कोई बदलाव नहीं कर सकेंगे।

जानिए क्या अंतर है OPS और NPS में

  • OPS में सरकारी कर्मचारी के रिटायर होने के बाद आखिरी मूल वेतन और महंगाई भत्ते की आधी रकम बतौर पेंशन ताउम्र सरकार के राजकोष से दी जाती है।
  • NPS के तहत सरकारी कर्मचारी को अपनी पेंशन में मूल वेतन का 10 फीसदी देना होता है और इसमें राज्य सरकार केवल 14% का ही योगदान देती है।
  • OPS में हर साल दो बार महंगाई भत्ता भी बढ़कर मिलता है,पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के पेंशन दिए जाना भी ओपीएस में शामिल हैं।
  • OPS में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी मिलती है।NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में 6 महीने के उपरांत मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू नहीं होता है।
  • OPS में कर्मचारियों के लिए 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाता है।पेंशन कमीशन के लागू होने पर पेंशन रिवाइज्ड होने का फायदा भी रिटायर कर्मचारी को मिलता है।
  • NPS के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस फंड का 40 फीसदी निवेश करना होता है। सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।
  • NPS शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें महंगाई भत्ते का प्रावधान शामिल नहीं है।OPS में कर्मचारी के रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर उसे किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
  • NPS में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को कुल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है।OPS के विपरीत नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के अनुसार जो भी पैसा मिलेगा,आपको उसपर टैक्स देना होता है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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