
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही भारत के लिए बेहद शानदार रही। इस दौरान भारत की जीडीपी ग्रोथ सालाना 6.5% से बढ़कर 7.8% पर पहुंच गई। बता दें कि यह पिछले पांच तिमाहियों में सबसे अच्छी रही है। हालांकि भारत की लगातार जीडीपी में वृद्धि हो रही है। इस बार मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और एग्रीकल्चर सेक्टर के चलते जीडीपी में अच्छा उछाल देखा गया है।
बता दें कि लंबे समय से भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ वॉर देखा जा रहा है। 31 जुलाई को अमेरिका द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाया गया था। उस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की इकोनॉमी को “डेड इकोनॉमी” बताया था। हालांकि भारत की इकोनॉमी की ग्रोथ ने डोनाल्ड ट्रंप को गलत साबित कर दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?
प्रेजिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत और रूस अपनी अर्थव्यवस्था को साथ ले डूबेंगे, इससे मुझे कोई मतलब नहीं। भारत पिछले 10 साल से जीडीपी में वृद्धि कर रहा है। पिछली पांच जीडीपी ग्रोथ पर नजर डाली जाए तो 2025 के चौथे क्वार्टर में जीडीपी ग्रोथ 7.40% देखने को मिली थी, जबकि क्वार्टर 3 में जीडीपी 6.20% थी। वहीं क्वार्टर 2 में 5.60% रही। इससे कहा जा सकता है कि लगातार भारत की जीडीपी ग्रोथ तेजी से बढ़ रही है। सबसे ज्यादा ग्रोथ एग्रीकल्चर, माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिसिटी, कंस्ट्रक्शन, ट्रेड, होटल, फाइनेंस और रियल एस्टेट सेक्टर में दिखाई दे रही है।
किन सेक्टरों ने की सबसे ज्यादा मदद?
पहली तिमाही की जीडीपी ग्रोथ पर नजर डाली जाए तो इसके कई बड़े कारण रहे हैं, जिनके चलते यह अच्छी तेजी दिखाई दी है। सबसे अच्छी बात है कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन के उद्योग में बढ़ोतरी हो रही है। यह बढ़ोतरी 7.5% रखी गई है। वहीं लोग खरीदारी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। निजी उपभोग खर्चे में 7.0% की वृद्धि हुई है, जबकि सरकारी खर्चे में भी 9.7% की वृद्धि हुई है। कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों की वृद्धि दर भी शानदार रही। पिछले साल यह 1.5% थी, तो वहीं अब यह 3.7% हो गई है, जो कि भारत की इकोनॉमी के लिए सकारात्मक संकेत है।
4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

