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अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस: संवेदना से संबल तक, नर्सिंग पेशे के महत्व को समझने का दिन

Written by:Shruty Kushwaha
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नर्स स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं। वे रोगियों की देखभाल, उपचार प्रक्रिया में सहायता और स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस न सिर्फ नर्सों के योगदान को मान्यता देता है, बल्कि यह समाज को उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूक भी करता है। यह दिन नर्सिंग पेशे को प्रोत्साहित करने और युवाओं को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करने का भी अवसर है।
अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस: संवेदना से संबल तक, नर्सिंग पेशे के महत्व को समझने का दिन

International Nurses Day : आज विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जा रहा है। 12 मई को ये दिन दुनियाभर में नर्सों के योगदान को मान्यता देने और उनके कार्यों की सराहना करने के उद्देश्य के साथ मनाया जाता है। नर्सों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और स्वास्थ्य प्रणाली में उनके महत्व को रेखांकित करना बहुत आवश्यक है और यही इस दिन का उद्देश्य है ।

नर्सें सिर्फ रोगियों की देखभाल करने वाली नहीं बल्कि पूरी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की आधारशिला भी होती हैं। उनका कार्य सिर्फ दवाइयां देना नहीं, बल्कि उपचार प्रक्रिया को सहज बनाना, भावनात्मक संबल देना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस उनके इसी बहुआयामी योगदान की सराहना का दिन है।

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस का इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाता है जिनका जन्म 12 मई, 1820 को हुआ था। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस की शुरुआत 1965 में अंतर्राष्ट्रीय नर्स परिषद (International Council of Nurses – ICN) द्वारा की गई थी। 1974 में ICN ने 12 मई को आधिकारिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में घोषित किया। नाइटिंगेल ने क्रीमियन युद्ध के दौरान अपनी सेवाओं और नर्सिंग सुधारों के माध्यम से आधुनिक नर्सिंग की नींव रखी। तब से यह दिन नर्सों के समर्पण और सेवा को मान्यता देने के लिए विश्व स्तर पर मनाया जाता है।

इस दिन का उद्देश्य

इस दिन को मनाने का उद्देश्य नर्सों की मेहनत, समर्पण और स्वास्थ्य सेवा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानना है। नर्सिंग पेशे के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे कर्मचारियों की कमी, कार्यभार और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ नर्सिंग में उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण और शिक्षा को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।  स्वास्थ्य नीतियों में नर्सों की भागीदारी को बढ़ावा देना और उनके कार्यस्थल की स्थिति में सुधार करना प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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