क्या 5 Day Banking की खबर महज एक अफवाह? सुनिए क्या बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

5 Day Banking

5 Day Banking: लंबे समय से सप्ताह में 5 दिन की वर्किंग और रविवार के साथ हर शनिवार की छुट्टी को लेकर जमकर चर्चा चल रही है। लेकिन अभी छुट्टियों के लिए बैंक कर्मचारियों को थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। कुछ दिनों पहले ही बैंक एसोसिएशन और कर्मचारियों के यूनियन के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की गई थी। कई मुद्दों पर दोनों के बीच सहमति बनी थी, जिसके बाद यह चर्चा चल रही थी कि बैंक के कर्मचारियों को फाइव डे वर्किंग और 2 दिन की छुट्टी मिल सकती है। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि कर्मचारियों से यह तोहफा कहीं दूर जा रहा है। दरअसल, इस मामले में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टिप्पणी सामने आई है।

क्या बोलीं वित्त मंत्री

बैंकिंग कर्मचारियों की फाइव डे वर्किंग पॉलिसी के बारे में हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बात करते हुए देखा गया। 14 मार्च को आईआईटी गुवाहाटी में विकसित भारत एंबेसडर कैंपस डायलॉग को संबोधित करने के दौरान उनसे बैंकों में सिर्फ 5 दिन काम करने के बारे में चल रही बातों पर सवाल किया गया। सवाल के जवाब को लंबा ना खींचते हुए वित्त मंत्री ने सिर्फ इतना कहा कि “किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान बिल्कुल भी ना दें।”

लंबे समय से हो रही मांग

बता दें कि लंबे समय से बैंक कर्मचारी हर सप्ताह सिर्फ 5 दिन ही काम करने और दो दिनों की छुट्टी रखे जाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल कर्मचारियों को सिर्फ रविवार की छुट्टी मिलती है और इसके अलावा महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है। कर्मचारियों का कहना है कि दूसरे और चौथे शनिवार की तरह उन्हें पहले, तीसरे और पांचवी शनिवार को भी छुट्टी दी जाए।

लागू होने वाली है अचार संहिता

आज दोपहर के बाद चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव का शेड्यूल जारी किया जाने वाला है। शेड्यूल का ऐलान होते ही देश भर में आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद केंद्र सरकार का बैंक कर्मचारियों की छुट्टी पर फैसला ले पाना मुश्किल है। जब बैंक यूनियन और संगठन का समझौता हुआ था तब ऐसा लग रहा था की छुट्टी पर केवल वित्त मंत्रालय की मंजूरी बाकी है। लेकिन वित्त मंत्री ने दो टूक में ऐसा न होने के संकेत दे दिए हैं। बैंक कर्मचारियों को 5 दिन का वर्क और दो दिन की छुट्टी मिलती है या नहीं यह अब चुनाव के बाद नई सरकार बनने पर ही तय हो सकेगा।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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