UGC के नए नियमों को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सरकार को घेरा, कहा- अगर गृहयुद्ध से बचना है तो इस कानून को वापस लेना ही होगा

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश के बस्ती में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सरकार को कानून वापस लेने की चेतावनी देते हुए कहा कि वरना गृहयुद्ध होगा। वहीं, लखनऊ में सवर्ण मोर्चा के प्रदर्शन में अपने पद से इस्तीफा दे चुके SDM अलंकार अग्निहोत्री भी शामिल हुए।
Rambhadracharya

नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए दिशा-निर्देशों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में प्रतिष्ठित धर्माचार्य जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। उन्होंने केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो देश को गृहयुद्ध का सामना करना पड़ सकता है।

यह विवाद सिर्फ बयानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर भी इसकी गूंज सुनाई दी, जहां सैकड़ों लोगों ने UGC के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

जगद्गुरु की सरकार को सीधी चेतावनी

उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक राम कथा कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने UGC के नए नियमों पर तीखा प्रहार किया। अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले रामभद्राचार्य ने कहा कि सरकार को यह कानून हर हाल में वापस लेना ही होगा। उन्होंने सवाल उठाया, “UGC की क्या आवश्यकता थी, समाज में क्यों भेदभाव किया जा रहा है?”

उन्होंने अपने बयान में इसे और आगे ले जाते हुए कहा कि उनके धर्माचार्य रहते यह कानून लागू नहीं हो सकता है।

“सरकार को अगर गृहयुद्ध से बचना है तो इस कानून को वापस लेना ही होगा।”- जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य

इस दौरान उन्होंने ब्राह्मण समाज और जातिवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण कभी जातिवादी नहीं रहा और महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि द्रोणाचार्य कर्ण को शिक्षा देने से मना न करते तो शायद युद्ध टल जाता। उन्होंने बस्ती जिले का नाम बदलकर ‘वशिष्ठ नगर’ करने की अपनी पुरानी मांग को भी दोहराया।

लखनऊ की सड़कों पर गूंजे ‘काला कानून वापस लो’ के नारे

एक तरफ जहां बस्ती में जगद्गुरु ने सरकार को घेरा, वहीं दूसरी ओर लखनऊ में शनिवार को सवर्ण मोर्चा के बैनर तले UGC एक्ट के खिलाफ एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया। परिवर्तन चौराहे से लेकर गांधी प्रतिमा तक सैकड़ों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देने वाले SDM अलंकार अग्निहोत्री भी इसमें शामिल हुए। हालांकि उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की, लेकिन वह हाथ में तख्ती लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने इन नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए ‘काला कानून वापस लो’ के नारे लगाए। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस प्रदर्शन में कई अन्य संगठन भी शामिल हुए, जिससे यह साफ हो गया है कि UGC के नए नियमों को लेकर विरोध का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

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