हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान के कथित शुद्धीकरण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले पर खड़गे ने दो सितंबर को भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर घटना में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
इसी मामले पर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की गरिमा और संविधान की समानता की भावना का अपमान है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपी नड्डा को लिखा पत्र
मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपी नड्डा को लिखे पत्र में 13 अगस्त को राज्यसभा में उठाए इस मुद्दे का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद रामलीला मैदान के शुद्धीकरण का मुद्दा उन्होंने सदन में उठाया था। कांग्रेस नेता ने कहा कि उस दौरान जेपी नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए इसकी जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि घटना के 24 दिन बाद भी संबंधित संगठन और व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने जेपी नड्डा से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देशित कर इस मामले में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
शुद्धीकरण को छुआछूत से जोड़ते हुए किए सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने पत्र में रामलीला मैदान में हुई कथित शुद्धीकरण की प्रक्रिया को छुआछूत से जोड़ते हुए इसे संविधान की भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत बताया। उन्होंने अपने पत्र में डॉ. भीमराव आंबेडकर के महाड़ आंदोलन का भी उल्लेख किया और कहा कि उस समय भी जातीय भेदभाव से जुड़ी मानसिकता के तहत तालाब के कथित शुद्धीकरण की घटना हुई थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला सिर्फ उनके या कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से जुड़ा व्यक्तिगत विषय नहीं है, बल्कि उन करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है जो जातिगत भेदभाव की मानसिकता का सामना करते हैं।
उमंग सिंघार ने की कार्रवाई की मांग
इस मामले पर उमंग सिंघार ने भी बीजेपी से सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि घटना को 24 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में खड़गे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान का शुद्धीकरण केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की गरिमा और संविधान में निहित समानता की भावना का अपमान है। कांग्रेस नेता ने कहा कि नफरत फैलाने वालों को संरक्षण देने के बजाय उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार से सवाल किया कि आखिर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी।
क्या है मामला
8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद मैदान में कथित तौर पर शुद्धीकरण किए जाने की घटना सामने आई। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर विरोध किया। 13 अगस्त को खड़गे ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठा। उस दौरान जेपी नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए कहा था कि भाजपा इस तरह की गतिविधि का समर्थन नहीं करती और मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
24 दिन बीत गए, लेकिन न FIR दर्ज हुई और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई।
हल्द्वानी में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी की जनसभा के बाद रामलीला मैदान का शुद्धीकरण सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की गरिमा और संविधान की समानता की भावना का अपमान है।
नफ़रत… https://t.co/A6lXWAWbl0
— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 3, 2026






