उज्जैन में केवल भगवान श्री कृष्ण की शिक्षास्थली सांदीपनी आश्रम ही नहीं बल्कि उनके ससुराल के रूप में पहचाना जाने वाला कृष्ण मित्रविंदा धाम भी मौजूद है। शहर के अन्य कृष्ण मंदिरों की तरह भैरवगढ़ रोड पर स्थित इस मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन किया जाने वाला है।
जन्माष्टमी पर होने वाले आयोजन के लिए मंदिर में विशेष तैयारी की गई है। पूरे मंदिर परिसर को लाल झालर और मोतियों से बनी हुई मालाओं से सजाया गया है। बता दें कि इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण अपनी पांचवी पटरानी मित्रविंदा के साथ विराजित हैं।
भगवान श्रीकृष्ण का ससुराल है मित्रविंदा धाम
उज्जैन के इस मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण की आठ पटरानियों में से पांचवीं पटरानी मित्रविंदा अवंती की राजकुमारी थी। श्रीकृष्ण ने उनसे विवाह किया था इसलिए ये स्थान भगवान के ससुराल के रूप में पहचाना जाता है। जन्माष्टमी पर यहां विशेष आयोजन होने वाला है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन
जन्माष्टमी पर मंदिर में विशेष आयोजन किया जाने वाला है। मंदिर में दिन भर धार्मिक कार्यक्रम होंगे। दोपहर 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के अभिषेक से महोत्सव की शुरुआत होगी। शाम 6 बजे श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खोले जाएंगे। इस दौरान प्रसाद के रूप में मोर पंख बांटे जाने वाले हैं। शाम 7 बजे यहां भजन संध्या का आयोजन भी किया जाने वाला है। इस दिन उपवास होता है इसलिए श्रद्धालुओं के लिए फलाहारी भंडारे का आयोजन किया जाने वाला है। परंपरा के मुताबिक रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होने पर महाआरती का आयोजन होगा।






