उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ में जलती चिता के साथ छेड़छाड़ कर कथित मानव मांस खाने का दावा करने वाली लेडी अघोरी काली उर्फ नंद गिरी इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। अघोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। जिसपर संत समाज ने भी आपत्ति जताई थी।
मामला सामने आने और शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने काली के खिलाफ शव के साथ छेड़छाड़ के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब वो पुलिस की हिरासत में है। आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब किन्नर अघोरी का नाम किसी विवाद से जुड़ा है। इसके पहले कई बार वो अलग अलग मामलों को लेकर सुर्खियों में रह चुकी है।
शिकायत के बाद केस दर्ज
बता दें कि किन्नर अघोरी का वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में विष्णुनाथ महाराज और अन्य संतों ने विरोध जताया था। पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई थी और वीडियो का हवाला देते हुए काली नंद गिरी पर शव के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 301 के तहत FIR दर्ज कर अघोरी को हिरासत में लिया था। विष्णुनाथ महाराज ने ये भी मांग की है कि काली के श्मशान में आने पर प्रतिबंध लगाया जाए क्योंकि ये अंतिम संस्कार और साधना का स्थान है।
इस मामले में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष डॉ रवींद्र पुरी महाराज ने भी इस तरह के कृत्य को सनातन धर्म को बदनाम करने वाला बताया था और पुलिस से किन्नर अघोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी। इस मामले में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महेंद्र गिरी महाराज ने भी पुलिस को एक पत्र भेजा था। जिसमें मानव अंगों के सेवन के बारे में किसी भी शास्त्र में उल्लेख न होने की बात लिखी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि जो भी साधु संत, साध्वी और किन्नर इस तरह का कृत्य करते हैं उनके खिलाफ प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
15 दिन की हिरासत में अघोरी
इस मामले में मिली शिकायत के बाद जीवाजीगंज थाना पुलिस ने काली नंद गिरी के खिलाफ एआईआर दर्ज की थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अघोरी से पूछताछ कर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
शिकायत के बाद फिर दी धमकी
कथित मानव मांस खाने का दावा करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद जब किन्नर अघोरी के खिलाफ शिकायत की गई। तब गिरफ्तारी से पहले अपना पहला वीडियो सोशल मीडिया से हटाने के बाद अघोरी ने दूसरा वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वो उसके खिलाफ टिप्पणी और शिकायत करने वालों को सावधान रहने की चेतावनी दे रही है। इस वीडियो में वो श्मशान में दिखाई दे रही है। चिता की राख अपने चेहरे और शरीर पर लगाने के बाद वो कहती है कि पीठ पीछे टिप्पणी करने वालों में अगर हिम्मत है तो सामने आएं। वो यहीं श्मशान में रहती है और जो उसके बारे में बुरा बोल रहे हैं, वो उन्हें छोड़ेगी नहीं। वो लोगों को उससे बचकर रहने की बात बोल रही है।
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जेंडर चेंज कर बनी किन्नर अघोरी
काली के बारे में शिकायत करने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज ने ये दावा किया है कि वो जन्म से किन्नर नहीं बल्कि पुरुष थी। उसे अल्लूरी श्रीनिवास के नाम से पहचाना जाता था। जेंडर चेंज सर्जरी के बाद उसने किन्नर के रूप में पहचान बनानी शुरू की और वो खुद को अघोरी साधिका बताने लगी। हालांकि, इस दावे की पुष्टि मेडिकल और न्यायालीन रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही हो सकेगी। इसके अलावा कई विवाद हैं जिनसे अघोरी का नाम जुड़ चुका है।
अनुष्ठान के नाम पर ऐंठे पैसे
साल 2025 में काली नंद गिरी को उत्तर प्रदेश से ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। एक महिला फिल्म निर्माता ने ये शिकायत दर्ज करवाई थी कि काली ने परिवार को बुरी शक्तियों से बचाने के लिये तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर 10 लाख रुपए लिए थे। जब पैसे वापस मांगे तो उसे धमकी दी गई। तेलंगाना पुलिस ने इस मामले में काली को यूपी से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।
शादी से जुड़े विवाद
साल 2025 में काली नंद गिरी उस समय भी चर्चा में रही। जब एक युवती वर्षिणी के साथ उसकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई। शादी के बाद युवती ने काली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थी। उस पर शादी के लिए दबाव बनाया गया और धमकी दी गई। वो आध्यात्मिक ज्ञान और अघोरी साधना के बारे में जानने के लिए काली के संपर्क में आई थी।

वर्षिणी के साथ शादी और आरोपों की चर्चा के बीच एक अन्य युवती की शिकायत भी सामने आई थी। उसने बताया था कि जनवरी में उसने अल्लूरी श्रीनिवास से शादी की थी। उससे शादी के 12 दिन बाद ही श्रीनिवास ने वर्षिणी से शादी कर ली। युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी।

खुद पर छिड़का था पेट्रोल
मई 2026 में काली तब चर्चा में आई थी। जब वो उज्जैन के गढ़कालिका मंदिर में आरती में शामिल होने पहुंची थी। काली ने आरोप लगाया कि आरती के समय उसे वहां से जाने को कहा गया। यहां अघोरी और मंदिर के सुरक्षाकर्मियों में जमकर विवाद हुआ था। इस समय काली ने खुद पर पेट्रोल डाल कर आत्मदाह का प्रयास किया था। लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत करवाया था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाया।

शव से छेड़छाड़ को लेकर क्या है कानून
भारतीय न्याय संहिता में शव के साथ छेड़छाड़ को लेकर धारा 301 के तहत कार्रवाई करने का प्रावधान है। इसमें श्मशान घाट, शवगृह या कब्रिस्तान में गलत इरादे से घुसना, मानव शव या अवशेषों से छेड़छाड़ करना, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और धर्म का अपमान करने का इरादा जैसे अपराध शामिल हैं।
ये जमानती और गैर संज्ञेय अपराध है। जिसमें बिना वारंट के गिरफ्तारी नहीं होती। कार्रवाई करने के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होती है। धारा 301 के तहत आरोपी को 1 साल तक की कैद अथवा जुर्माना या फिर कैद और जुर्माना दोनों की सजा सुनाई जा सकती है।






