ट्रैक्टर परेड में बवाल के बाद गृहमंत्रालय में हाई लेवल मीटिंग, 37 मेट्रो स्‍टेशन व कई क्षेत्रों में इंटरनेट बंद

ट्रैक्टर परेड में बवाल के बाद गृहमंत्रालय में हाई लेवल मीटिंग, 37 मेट्रो स्‍टेशन व कई क्षेत्रों में इंटरनेट बंद

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट| कृषि कानून (Farm Law) के खिलाफ लम्बे समय से चल रहे किसान आंदोलन (Farmers Protest) के बीच गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर आज दिल्ली (Delhi) की सीमाओं के आसपास ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) निकाली गई| इस ट्रेक्टर रैली में जमकर बवाल हो गया, कई जगह प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया| इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और किसानों के बीच भिड़ंत हुई| पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं| भारी भीड़ लाल किले पर पहुंच गई| जगह जगह हुई हिंसा के बाद गृहमंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक हो रही है|

ट्रैक्टर रैली में बवाल के बाद गृह मंत्रालय में बैठक हो रही है, जिसमें कई अधिकारी शामिल हैं. दिल्ली में सुरक्षा के हालात पर ये बैठक हो रही है| सुरक्षाबलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं| इधर, पुलिस लगातार भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है| किसान लाल किले से वापस सिंघु बॉर्डर की ओर लौटने लगे हैं| । लाल किले के आसपास जमा हुए किसानों को निकालने की कोशिश की जा रही है| तनाव बढ़ता देख इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया, ताकि अफवाहें नहीं फैलें। अभी भी सैंकड़ों प्रदर्शनकारी लाल किला परिसर में मौजूद हैं। : किसान आंदोलन के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के चार कॉरिडोर के 37 स्टेशन बंद कर दिए गए हैं| ITO पर पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया तो किसानों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। झड़प में कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

वहीं हिंसक प्रदर्शन पर किसान नेता राकेश टिकैत ने बयान दिया है कि राजनीतिक दलों ने ये माहौल खराब किया है, किसानों ने नहीं। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया है कि दिल्ली में घुसकर हिंसा, तोड़फोड़ और मारपीट करने वालों का उनके संगठन से कोई वास्ता नहीं है|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews