दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल, गिनीज बुक में दर्ज है नाम, जहां पढ़ते हैं 7000 से ज्यादा छात्र!

आजकल शहर हो या गांव हर स्थान पर एक से बढ़कर एक प्राइवेट स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके लिए सरकार द्वारा बनाए गए क्राइटेरिया को पूरा करना होता है। वहीं, हर क्षेत्र में सरकारी स्कूल भी है, जहां बच्चे पढ़ाई के लिए जाते हैं।
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भारत हो दुनिया में इन दिनों पढ़ाई-लिखाई का जज्बा छात्रों के बीच बढ़-चढ़कर देखने को मिलता है। वहीं, बढ़ती महंगाई और स्ट्रगल को देखते हुए पेरेंट्स भी अपने बच्चों को अच्छे-से-अच्छे महंगे स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। भारत में महंगे स्कूलों की कोई कमी नहीं है, जहां की फीस सालाना लाखों रुपए होती है। उन स्कूलों से पढ़कर निकलने वाले बच्चे अवश्य किसी-न-किसी अच्छे संस्थान में बेहतर सैलरी पर काम करते हैं। कुछ लोग अपने बच्चों को विदेश भी पढ़ाई के लिए भेजते हैं। वहीं, सरकार द्वारा भी छात्रों को स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है, जिसकी सहायता से वह अपने भविष्य को संवारते हैं।

आजकल शहर हो या गांव हर स्थान पर एक से बढ़कर एक प्राइवेट स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके लिए सरकार द्वारा बनाए गए क्राइटेरिया को पूरा करना होता है। वहीं, हर क्षेत्र में सरकारी स्कूल भी है, जहां बच्चे पढ़ाई के लिए जाते हैं।

दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल

आज हम आपको दुनिया के सबसे बड़े स्कूल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी स्थापना भारत में 65 साल पहले हुई थी। यह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित है। इसका नाम सिटी मोंटेसरी स्कूल है। यह को-एजुकेशन इंग्लिश मीडियम स्कूल है, जिसमें 7000 से भी अधिक छात्र पढ़ते हैं। इसमें 1000 से अधिक शिक्षकों का स्टाफ काम करता है।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

साल 1959 में डॉक्टर भार्गव देवी और डॉक्टर जगदीश गांधी ने इसकी स्थापना की थी। इसमें साइंस, मैथ्स, इंग्लिश, हिंदी, सोशल साइंस और आर्ट विषय शामिल हैं। सीएमएस में भारतीय संगीत, नृत्य, नाटक सहित अलग-अलग एक्टिविटीज भी होती हैं। इस स्कूल का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।

मिल चुके हैं कई पुरस्कार

शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए इस स्कूल को कई बार पुरस्कार भी मिल चुका है। सीएमएस को साल 2002 में यूनेस्को प्राइस फॉर पीस एजुकेशन मिला था। इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य उज्ज्वल हो जाता है। यहां के बच्चों को हर तरह से निपुण बनाया जाता है। खेल के क्षेत्र से लेकर कला के क्षेत्र में… पढ़ाई से लेकर टेक्नलॉजी… एक्सट्रा एक्टिविटी से लेकर एडवेंचर तक… छात्र आगे बढ़ते हैं। स्कूल में हमेशा सोशल एक्टिविटिज भी करवाई जाती है, ताकि स्कूली शिक्षा के अलावा उन्हें सामाजिक ज्ञान भी मिल सके। यहां बड़े-बड़े अमीर घरानो के बच्चे भी पढ़ते हैं।

नाम किया है रोशन

वर्तमान की बात करें, तो इस स्कूल में आज भी एडमिशन के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। यहां पढ़ने के लिए बच्चे तरसते हैं। बहुत ही मुश्किल से किसी भी बच्चे को यहां एडमिशन मिल पाता है। हर साल यहां अपने बच्चों को एडमिशन दिलाने के लिए अभिभावकों की भीड लगी रहती है। यहां से पढ़कर निकलने वाले छात्र देश-दुनिया में नाम कमा रहे हैं।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
Sanjucta Pandit

सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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