
CJP spokesperson meeting with government
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेन्द्र सिंह के साथ तीसरे दौर की बातचीत के बाद CJP ने जंतर मंतर पर चल रहा धरना समाप्त करने की घोषणा की है, सरकार के साथ बातचीत के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने धरना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा कर दी, उन्होंने कहा हमारी सभी मांगें मान ली गई हैं, इसलिए हम प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे तुरंत हट जाएं और शांतिपूर्वक घर लौट जाएं। हम आपको अपनी भविष्य की रणनीति या किसी अन्य मुद्दे के बारे में जानकारी देंगे।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आज तीसरे दौर की बातचीत हुई, लम्बी चली बातचीत में सीजेपी ने छात्रों की मांगों की जानकारी दोनों केंद्रीय मंत्रियों के सामने लिखित में रखीं जिसपर सहमति बनी और फिर उन्होंने जंतर मंतर पर चल रहा धरना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की।
सरकार के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा स्टूडेंट्स कि तीन मुख्य मांगें थीं पहली धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, दूसरी प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी कानूनी मामले और FIR वापस ली जाएं और भविष्य में भी उनके ख़िलाफ़ कोई मामला दर्ज न किया जाए और तीसरी कि उन परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाए जिन्होंने NEET परीक्षा न हो पाने के बाद अपने प्रियजनों को खो दिया।
उन्होंने कहा धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है, हमारी पहली मांग मान ली गई है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएं, न सिर्फ दिल्ली में बल्कि उन सभी राज्यों में जहां BJP की सरकार है या BJP गठबंधन में है।सरकार ने हमारी इस मांग को भी मान लिया है सरकार ने कहा है FIR जल्द ही वापस ले ली जाएंगी। सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह दर्ज सभी FIR की कॉपी हमें देगी हमें हर हाल में तीन से चार दिनों के अंदर वे कॉपी मिल जाएंगी।
CJP ने रखा पांच सूत्रीय मांग पत्र
आशुतोष ने कहा हमने NEET पीड़ितों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग की थी। सरकार इस पर सहमत हो गई है और कहा है कि नियमों और कानूनों के तहत उन परिवारों को सम्मानजनक मुआवज़ा दिया जाएगा। इसके अलावा, हमने सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांग पत्र भी रखा, जिसमें शिक्षा और परीक्षा में बड़े सुधारों की बात कही गई थी। हम उस मांग पत्र को लेकर लगभग चार हफ़्ते बाद फिर से सरकार से मिलेंगे ताकि बड़े सुधारों पर मिलकर काम किया जा सके। सरकार इसपर भी तैयार हो गई है।
जेपी नड्डा ने दी बातचीत की जानकारी
CJP के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, आज हमारी लंबी बातचीत हुई। वे एक लिखित ड्राफ्ट लेकर आए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों के बारे में चार बातें रखीं। इसके साथ ही, हमने दो अन्य मांगों पर भी चर्चा की कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, मुआवज़ा दिया जाना चाहिए और उनके पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार किया जाना चाहिए। हम उन्हें FIR की कॉपी देंगे और कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। दूसरी बात जो कही गई है, वह मुआवज़े के बारे में है सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारी भी सहानुभूति है। हम सभी ने कहा है कि नियमों और कानूनों के अनुसार मुआवज़ा दिया जाएगा जो भी अधिकतम संभव होगा, वह उन्हें दिया जाएगा।
Cockroach Janta Party withdraws its nationwide agitation with immediate effect
All demands of the Cockroach Janta Party have been accepted by the government:
1. Maximum possible compensation for families of NEET paper leak-related suicides
2. All FIRs by Central govt and…
— Cockroach Janta Party – CJP (@Cockroachisback) July 25, 2026
#WATCH | Delhi: After talks with Cockroach Janta Party delegation, Union Minister JP Nadda says, "This five-point charter, which you gave me, five-point charter is related to reforms in education examinations. Regarding it, we have to say that we will think deeply about your… pic.twitter.com/SxlSJnrgKW
— ANI (@ANI) July 25, 2026
#WATCH | Delhi: After talks with the government, Cockroach Janta Party's National Spokesperson Ashutosh Ranka says, "All our demands have been accepted, so we request the protesters to withdraw immediately and return home peacefully. We will inform you of our future strategy or… pic.twitter.com/z03j5c9lD8
— ANI (@ANI) July 25, 2026
#WATCH | Delhi: After talks with the government, Cockroach Janta Party's Chief Spokesperson Saurav Das says, " Cockroach Janta Party declares that we withdraw the agitation in good faith, with the understanding that the agreed-upon terms will be executed within the agreed-upon… pic.twitter.com/W7KFi3oaZ0
— ANI (@ANI) July 25, 2026
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

