नए वेतन आयोग को लागू करने में होगी देरी? जनवरी 2026 से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलेगा? फिटमेंट फैक्टर कितना बढ़ेगा? जानें अपडेट्स

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को अगर तय समय पर लागू नहीं किया गया तो 1 जनवरी 2026 को या उसके बाद रिटायर होने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों को संशोधित वेतन और पेंशन लाभ में देरी हो सकती है।
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8th Pay Commission : 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, ऐसे में 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग को लागू किया जाना है लेकिन अबतक तैयारियों और प्रगति को देखते हुए नहीं लगता है कि 7 महीने में केन्द्र सरकार इसे लागू कर पाएगी।

चुंकी आम तौर पर नए वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में करीब 12 से 18 महीने लगते हैं।ऐसी स्थिति में इसकी 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना कम है।अब सवाल यह उठता है कि अगर कोई कर्मचारी 1 जनवरी 2026 को या उसके बाद रिटायर होता है, लेकिन तब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं होती है, तो क्या उन्हें इस लाभ मिलेगा या नहीं? इसका जवाब हां है, ऐसे कर्मचारियों को एरियर के रूप में वेतन संशोधन का लाभ मिलेगा।

7वें वेतन आयोग में भी रिटायर कर्मियों को मिला था लाभ

  • पिछली बार (2016 में) 7वें वेतन आयोग को लागू करने में तय समय से करीब 1 वर्ष की देरी हुई थी लेकिन सभी पेशनभोगियों और कर्मचारियों को इसका बकाया दिया गया था। इस आधार पर माना जा रहा है कि अगर 8वां वेतन आयोग देरी से लागू हुआ तो भी पेंशनरों को इसका एरियर मिलेगा।
  • हालांकि, वित्त अधिनियम 2025 के तहत देखा जाए तो पहले से रिटायर हो चुके कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग और महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी का कोई लाभ नहीं मिलेगा। इस तरह पेंशन अधिनियम 1972 ऐसे मामलों में लागू नहीं होगा। रिटायर कर्मियों को लाभ मिलेगा या नहीं, 8वें वेतन आयोग में पेंशनरों के लिए कौन से नियम लागू होंगे, इसके लिए फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा।

फिटमेंट फैक्टर पर क्या पड़ेगा असर?

  • फिटमेंट फैक्टर का केन्द्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय करने में अहम रोल माना जाता है।इस फैक्टर के कारण ही केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी होती है।
  • वर्तमान में कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 2.57 फीसदी है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही पुरानी बेसिक पे से रिवाइज्ड बेसिक पे की कैलकुलेशन की जाती है।
  • 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर के कारण वेतन और पेंशन में वृद्धि के बाद केंद्रीय कर्माचारियों की न्यूनतम सैलरी 7,000 से बढ़कर 18,000 रूपये हो गई थी।
  • 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28, 1.92 या फिर 2.86 तय हो सकता है, जिससे वेतन में 30-50 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो जाएगा।
  • अगर 1.92 फिटमेंट फैक्टर होता है तो वेतन में 92% की वृद्धि यानि 18,000 रुपये से बढ़कर 34,560 रुपये हो जाएगा।

8th Pay Commission में DA और HRA होगा रिवाइज?

  • 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा या फिर कोई नया फॉर्मूला तय होगा, इसको लेकर काफी चर्चा तेज है, क्योंकि इससे पहले 2016 में 125% DA को मर्ज कर दिया गया था और DA की गणना फिर से शुरू हुई थी।
  • खबर है कि इस बार भी सरकार DA की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले फार्मूले को पूरी तरह बदलने पर विचार कर रही है।2016 की तरह नए वेतन आयोग में कर्मचारियों के पे स्केल, प्रमोशन, और सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव हो सकते हैं।
  • पिछली बार जहां ‘ग्रेड पे’ को खत्म कर दिया गया था, वहीं पे-मैट्रिक्स सिस्टम लागू किया गया था ।वर्तमान में DA की कैलकुलेशन AICPI-IW इंडेक्स के आधार पर होती है और इसका बेस ईयर 2016 है।
  • इसके अलावा HRA में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। चुंकी हर वेतन आयोग के साथ हाउस रेंट अलाउंस की दरों में संशोधन किया जाता है।6वें वेतन आयोग में HRA की दरें 30 प्रतिशत (X शहर), 20 प्रतिशत (Yशहर)और 10 प्रतिशत (Z शहर) की दर से रिवाइज की गई थी।
  • 7वें वेतन आयोग इसे 24, 16 व 8 प्रतिशत रिवाइज किया गया था।50 फीसदी डीए होने पर HRA को बढ़ाकर 30,20, 10 प्रतिशत कर दिया गया, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग में भी HRA की दरों फिर से बेसिक पे और डीए स्ट्रक्चर के अनुसार रिवाइज किया जा सकता है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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