
संसद भवन में मंगलवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक भारत के नए उपराष्ट्रपति का चुनाव चलने वाला है। यह चुनाव जगदीप धनखड़ के जुलाई 2025 में स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद हो रहा है। चुनाव आयोग, राज्यसभा सचिवालय और संसदीय सचिव इस प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में शामिल हैं। उपराष्ट्रपति का चुनाव एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली के तहत होता है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और मनोनीत सदस्य मतदान करते हैं।
उपराष्ट्रपति भारत का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है और यह राज्यसभा का सभापति भी होता है। इस पद का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है, जिसमें पुनर्निर्वाचन की संभावना होती है। यदि राष्ट्रपति का पद खाली हो जाता है तो उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है। नए चुने गए उपराष्ट्रपति 14वें उपराष्ट्रपति होंगे। नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रहेंगे, जो सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत विकसित एक आधुनिक परिसर है।
उपराष्ट्रपति का कितना वेतन
उपराष्ट्रपति को अलग से वेतन नहीं दिया जाता, बल्कि राज्यसभा के सभापति के रूप में उन्हें 4 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है। इसके अलावा, उन्हें आवास, चिकित्सा सुविधाएं, यात्रा (हवाई, रेलवे), कार्यालय खर्च, सुरक्षा, टेलीफोन सेवा और पेंशन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। पेंशन पिछले वेतन का 50% होती है। उपराष्ट्रपति को राज्यसभा की कार्यवाही, अनुशासन और दल-बदल विरोधी कानून के तहत सदस्यों की अयोग्यता जैसे मामलों में अंतिम अधिकार होता है।
न केवल संवैधानिक भूमिका, बल्कि
भारत के पहले उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे, जिन्होंने 1952 से 1962 तक इस पद पर कार्य किया और बाद में राष्ट्रपति बने। उपराष्ट्रपति का पद न केवल एक संवैधानिक भूमिका है, बल्कि यह संसद के सुचारू संचालन और संवैधानिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण है जो भारत के लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।
