नहीं रहे प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र, 89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र ने गुरुवार को अपने जीवन की अंतिम सांस ली। 89 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। आज शाम काशी के मणिकर्णिका घाट पर पंडित छन्नूलाल मिश्र का अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनकी तबीयत पिछले 7 महीने से खराब चल रही थी और 17 दिन तक वह अस्पताल में भी भर्ती रहे।
नहीं रहे प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र, 89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

गुरुवार को शास्त्रीय गायक और पद्म विभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र का दुखद निधन हो गया। 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने जीवन की अंतिम सांस ली। गुरुवार तड़के 4:15 बजे पंडित छन्नूलाल मिश्र ने बेटी नम्रता मिश्र के मिर्जापुर स्थित घर पर अंतिम सांस ली। उन्होंने शास्त्रीय संगीत में उच्चतम स्तर को छुआ और लोगों के दिलों में अलग पहचान बनाई। यही कारण रहा कि उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनका गीत *”खेले मसाने में होली”* आज भी लोगों के दिलों में छाया हुआ है।

उनकी बेटी नम्रता ने जानकारी दी कि आज शाम काशी के मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जानकारी दे दें कि 2014 लोकसभा चुनाव में पंडित छन्नूलाल मिश्र पीएम मोदी के प्रस्तावक रहे थे। उनकी तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी और वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो सके।

7 महीने से पंडित छन्नूलाल मिश्र की तबीयत खराब थी

पिछले 7 महीने से पंडित छन्नूलाल मिश्र की तबीयत खराब थी। हाल ही में उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। 17 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उन्होंने अपने जीवन की अंतिम सांस ली। 11 सितंबर को उनकी तबीयत उनकी बेटी नम्रता के मिर्जापुर स्थित घर में बिगड़ी। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के चलते रामकृष्ण सेवा आश्रम अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां से उन्हें 13 सितंबर की रात को बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल लाया गया। हालांकि, उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें घर ले जाने का निर्णय किया गया। वह अस्पताल से सीधे अपनी बेटी नम्रता के मिर्जापुर वाले घर चले गए।

फेफड़ों में गंभीर सूजन आ गई थी

मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने जानकारी दी थी कि पद्म विभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र को *एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम* था। बता दें कि यह एक गंभीर बीमारी मानी जाती है जिसमें फेफड़ों में गंभीर सूजन आ जाती है। इसके अलावा उन्हें टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, ओस्टियोआर्थराइटिस और प्रोस्टेट की समस्या भी थी, जिससे वह उबर नहीं सके। उनकी तबीयत दिन-ब-दिन बिगड़ती गई।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जन्में

पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म 3 अगस्त 1936 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर में हुआ था। उनका परिवार पहले से शास्त्रीय संगीत से जुड़ा हुआ था। उनके पिता बद्री प्रसाद मिश्र से ही उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखीं। उनके दादा महाराज शांता प्रसाद एक प्रसिद्ध तबला वादक थे।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
Follow Us :GoogleNews