संसद का मानसून सत्र हंगामेदार होने के आसार, शुरू होने से पहले ही कांग्रेस ने दिखाए तेवर

सियासत के गलियारे में एक चर्चा ये भी है कि क्या बिहार चुनाव से पहले हो रहे इस सत्र में सरकार का क्या कोई अलग एजेंडा भी है, जो उसने अंतिम सप्ताह के लिए सुरक्षित रखा है? सुगबुगाहट है कि क्या बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सरकार कोई धमाका कर सकती है?
Parliament House

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है और ये 21 अगस्त तक चलेगा इसमें कुल 21 बैठकें होंगी हालाँकि 13 अगस्त से 17 अगस्त तक दोनों सदनों में कोई बैठक नहीं होगी। इस सत्र में सरकार ने आठ नए बिल लाने की तैयारी कर ली है और इन्हें पारित कराने का प्रयास भी होगा लेकिन उधर कांग्रेस ने भी अभी से तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, संभावना जताई जा रहे है कि अन्य सत्रों की तरह ये सत्र भी हंगामेदार होगा।

मानसून सत्र की शुरुआत होने में कुछ दिन ही शेष हैं और कांग्रेस ने अभी से अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं,  कांग्रेस नेता जयराम रमेश की बातों से स्पष्ट हो रहा है कि इस सत्र में भी कांग्रेस सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी करने की तैयारी कर रही है,  जयराम रमेश ने कहा कि संसद सत्र के सुचारू रूप से चलने के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सहमति जरूरी है और ये जिम्मेदारी सरकार की होती है।

संसद में लोकतंत्र की शहनाई बजती है, एकतंत्र की तोप नहीं : जयराम  

सरकार की तरफ से अचानक बिल पेश किए जाने का जिक्र कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ये अफ़सोस की बात है कि 11 साल में जिस तरह से संसद में बुलडोजर चलाया जा रहा है अचानक बिल लाये जाते हैं और कहा जाता है कि अभी पास करो, बिना किसी विश्लेषण के, बिना किसी अध्ययन के और बातचीत भी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि संसद में लोकतंत्र की शहनाई बजती है, यहाँ एकतंत्र की तोप नहीं चलाई जा सकती  जयराम रमेश के रुख से साफ है कि कांग्रेस मानसून सत्र में सरकार के लिए मुश्किल खड़ी करने की पूरी तैयारी कर चुकी है।

ये विधेयक हो सकते हैं संसद में पेश

संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा आठ बिल पेश किये जाने की चर्चा है,  सरकार  भू-विरासत स्थल एवं भू-अवशेष (संरक्षण एवं रखरखाव) विधेयक 2025, खान एवं खान (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय संस्थान प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2025, कराधान विधि (संशोधन) विधेयक 2025,  गोवा राज्य के विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन विधेयक 2024, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2024, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025 और आयकर विधेयक 2025 को भी लोकसभा में पारित किए जाने की उम्मीद है।

‘SIR’ को लेकर हंगामा होने की संभावना

मानसून सत्र में बिहार की मतदाता सूची के रिवीजन को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘SIR’ को लेकर भी हंगामा होने के आसार हैं , विपक्ष इसे लेकर सरकार पर हमलावर है, बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले होने वाले इस सत्र का लाभ उठाते हुए विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा कर सकता है

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews