लंबे समय से चली आ रही अटकलों और आशंकाओं पर विराम लगाते हुए, सरकारी तेल कंपनियों ने आखिरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया है। शुक्रवार सुबह जारी नई दरों के अनुसार, देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं। यह बढ़ोतरी गैस की कीमतों में वृद्धि के बाद हुई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का एक और बोझ आ पड़ा है।
दरअसल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में यह बदलाव लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद देखने को मिला है। इससे पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वयं तेल के दाम बढ़ाए जाने का स्पष्ट संकेत दिया था। उनके इस बयान के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कभी भी इजाफा हो सकता है, और अब यह आशंका हकीकत में बदल गई है।
देशभर में एक समान बढ़ोतरी
वहीं शुक्रवार सुबह सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी की गई खुदरा कीमतों में देशभर में एक समान बढ़ोतरी देखी गई है। नई दरें शुक्रवार रात से ही प्रभावी हो चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पेट्रोल ₹3.14 प्रति लीटर महंगा होकर अब ₹97.77 तक पहुंच गया है, वहीं डीजल की कीमत में ₹3.11 प्रति लीटर का इजाफा हुआ है, जिसके बाद यह ₹90.67 पर बिक रहा है।
क्यों बढ़ाए दाम?
पेट्रोलियम कंपनियों ने इस वृद्धि का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और इससे हो रहे भारी नुकसान को बताया है। कंपनियों का दावा था कि महंगे क्रूड ऑयल के चलते उन्हें रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा था। पेट्रोलियम मंत्री ने भी इस बात पर जोर दिया था कि यदि तेल के खुदरा दाम नहीं बढ़ाए जाते, तो तेल कंपनियों का घाटा एक तिमाही में ही 1 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक तक पहुंच सकता है। हालांकि, मौजूदा बढ़ोतरी के बावजूद, यह वृद्धि कंपनियों के बताए गए घाटे के मुकाबले अभी भी कम ही है।
दिल्ली में भी तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया
देश की राजधानी दिल्ली में भी तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। यहां नियमित पेट्रोल ₹94.77 से बढ़कर ₹97.91 प्रति लीटर हो गया है। प्रीमियम पेट्रोल के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो पहले ₹102-104 प्रति लीटर था, अब बढ़कर ₹105.14-107.14 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसी तरह, नियमित डीजल का रेट ₹87.67 से बढ़कर ₹90.78 प्रति लीटर हो गया है, जिससे वाहन चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
यह जानना महत्वपूर्ण है कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे जारी की जाती हैं और सुबह 6 बजे से ही ये नई दरें लागू हो जाती हैं। इन खुदरा कीमतों में मूल भाव के अलावा कई तरह के शुल्क शामिल होते हैं, जैसे एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) और अन्य स्थानीय कर। इन सभी शुल्कों को जोड़ने के बाद ही पेट्रोल और डीजल का दाम उसके मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाता है, यही वजह है कि उपभोक्ताओं को इतनी अधिक कीमतें चुकानी पड़ती हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि चुनाव के बाद कीमतें स्थिर रहेंगी, लेकिन अब चार साल की स्थिरता के बाद यह वृद्धि उस धारणा को तोड़ती है। लोगों को अब अपनी जेब और भी ढीली करनी पड़ेगी।






