प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल X पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस त्योहार को भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में तिल और गुड़ की मिठास का जिक्र करते हुए कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आए। उन्होंने सूर्य देव से प्रार्थना की कि वे सभी नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य और सौभाग्य प्रदान करें।
संस्कृत श्लोक से दिया संदेश
संक्रांति के इस पावन अवसर को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया जाता है। मैं सूर्यदेव से सबके सुख-सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।
सूर्यो देवो दिवं गच्छेत् मकरस्थो रविः प्रभुः।
उत्तरायणे महापुण्यं सर्वपापप्रणाशनम्॥ pic.twitter.com/zxGY8H5ZvP
— Narendra Modi (@narendramodi) January 14, 2026
PM मोदी ने अपनी शुभकामनाओं के साथ एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जो इस त्योहार के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है।
“सूर्यो देवो दिवं गच्छेत् मकरस्थो रविः प्रभुः।
उत्तरायणे महापुण्यं सर्वपापप्रणाशनम्॥”
इस श्लोक का अर्थ है कि जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होते हैं, तो यह काल अत्यंत पुण्यदायी होता है। यह समय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और सभी पापों का नाश करने वाला माना जाता है।
सभी देशवासियों को मकर संक्रांति की असीम शुभकामनाएं। तिल और गुड़ की मिठास से भरा भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का यह दिव्य अवसर हर किसी के जीवन में प्रसन्नता, संपन्नता और सफलता लेकर आए। सूर्यदेव सबका कल्याण करें।
— Narendra Modi (@narendramodi) January 14, 2026
सांस्कृतिक चेतना का पर्व
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि मकर संक्रांति का त्योहार पूरे भारत में विभिन्न स्थानीय रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है, जो देश की सांस्कृतिक विविधता में एकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई शुरुआत और सकारात्मक परिवर्तन का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। हर साल 14 जनवरी के आसपास मनाया जाने वाला यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है और भारतीय जनमानस में इसका विशेष स्थान है।





