इज़राइल दौरे पर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग के साथ याद वाशेम होलोकॉस्ट स्मारक में किया पौधारोपण, जानिए इस ऐतिहासिक म्यूजियम के बारे में

होलोकॉस्ट हिस्ट्री म्यूज़ियम विश्व प्रसिद्ध वास्तुकार मोशे सफदी द्वारा डिजाइन किया गया है। यह संग्रहालय नाज़ी शासन के उदय से लेकर होलोकॉस्ट के अंत तक की पूरी कहानी को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करता है। यहां पीड़ितों की व्यक्तिगत कहानियां, दस्तावेज, वस्तुएं, तस्वीरें और वीडियो प्रदर्शित किए गए हैं। संग्रहालय के अंत में यरुशलम शहर का दृश्य दिखाई देता है, जिसे जीवन और आशा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
PM Modi Israel Visit

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान याद वाशेम होलोकॉस्ट स्मारक में पौधारोपण किया। यह कार्यक्रम इज़राइल के राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग के साथ संयुक्त रूप से संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री की इस यात्रा मुख्य उद्देश्य भारत-इज़राइल के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना और रक्षा, व्यापार तथा तकनीकी सहयोग को बढ़ाना है।

बता दें कि यात्रा के पहले दिन बुधवार को पीएम मोदी ने इज़राइल पहुंचकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी। दूसरे दिन उन्होंने याद वाशेम का दौरा किया, जहां उन्होंने होलोकॉस्ट पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने हॉल ऑफ रेमेम्ब्रेंस में पुष्पांजलि अर्पित की, इटरनल फ्लेम पर माल्यार्पण किया और हॉल ऑफ नेम्स तथा चिल्ड्रेंस मेमोरियल का दौरा किया।

पीएम मोदी ने होलोकॉस्ट स्मारक याद वाशेम में किया पौधारोपण

इज़राइल दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग के साथ यरुशलम स्थित होलोकॉस्ट स्मारक याद वाशेम (Yad Vashem) का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने यहां पौधारोपण कर होलोकॉस्ट पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में याद वाशेम की संयुक्त यात्रा शामिल थी, जहां उन्होंने इज़राइली राष्ट्रपति के साथ स्मारक का अवलोकन किया। इसके बाद राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग के साथ उन्होंने एक पौधा भी रोपा।

जानिए विश्वप्रसिद्ध होलोकॉस्ट स्मारक याद वाशेम के बारे में

याद वाशेम इज़राइल का आधिकारिक होलोकॉस्ट स्मारक और विश्व होलोकॉस्ट स्मृति केंद्र है। इसका नाम हिब्रू भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है “एक स्मृति और एक नाम”। यह 1953 में इज़राइल की संसद (Knesset) के एक अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया था। यह परिसर यरूशलम के माउंट ऑफ रेमेम्ब्रेंस (Mount of Remembrance) पर स्थित है जो माउंट हर्ज़ल की पश्चिमी ढलान पर है। यहां होलोकॉस्ट में मारे गए लगभग पचास लाख यहूदियों के नाम दर्ज हैं।

यह एक ऐसी जगह है जहां पीड़ितों को व्यक्तिगत पहचान दी जाती है, क्योंकि नाजी नरसंहार में अधिकांश के कोई कब्र या स्मारक नहीं बचे हैं। यहां चिल्ड्रेंस मेमोरियल बच्चों के लिए समर्पित हैं जहां अंधेरे हॉल में लाखों मोमबत्तियों की रोशनी और नामों का पाठ बच्चों की स्मृति में होता है। हॉल ऑफ रेमेम्ब्रेंस में ईटरनल फ्लेम जलती रहती है और श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। होलोकॉस्ट स्मारक के अन्य हिस्सों में आर्ट गैलरी, सिंघागॉग, लाइब्रेरी और आर्काइव्स है। यहां हर साल दुनियाभर से लाखों सैलानी आते हैं और होलोकॉस्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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