गुटबाजी पर राहुल गांधी के तीखे तेवर, बोले, 30-40 नेताओं को निकालना पड़े निकाल दो, हमारा पहला काम दो ग्रुप को अलग करना है

उन्होंने कहा आज देश में हर तरफ अन्याय बढ़ता जा रहा है- ऐसे में कांग्रेस के ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी है। हमें साथ मिलकर इस अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ना होगा। कांग्रेस की सत्य, अहिंसा और सद्भाव की विचारधारा के लिए लड़ना होगा।
Rahul Gandhi Gujarat Tour

Rahul Gandhi angry Gutbaazi in Congress: गुजरात के दौरे पर गए राहुल गांधी पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए अपनी पार्टी पर बरस पड़े, उन्होंने कहा गुजरात कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सीधे जनता से जुड़ना ही पड़ेगा, तभी जनता आप में यकीन करेगी। गुजरात की जनता, व्यापारी, किसान, मजदूर, छात्र प्रदेश में विपक्ष चाहते हैं, ‘B-टीम’ नहीं चाहते हैं। हमारा पहला काम इन दो ग्रुप को अलग करना है। अगर हमें सख्त कार्रवाई करनी पड़े,  30-40 लोगों को निकालना पड़े तो निकाल देना चाहिए।

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज अहमदाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं और निकाय चुनाव के पूर्व उम्मीदवारों से मुलाकात की और सभा को संबोधित किया।  उन्होंने कहा कांग्रेस की विचारधारा जो सचमुच में गुजरात की विचारधारा है जो आपने हमें दी, आपके बिना कांग्रेस की विचारधारा होती ही नहीं आपने जो हमें सिखाया है जो गांधी जी ने सिखाया सरदार पटेल ने सिखाया वही हमें गुजरात में करना है।

कांग्रेस में दो तरह के नेता एक जनता की इज्जत करते हैं दूसरे नहीं करते 

राहुल गांधी ने गुजरात में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सामने बड़ी साफगोई से अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि गुजरात के जो नेता, हैं ब्लाक अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष है जो यहाँ बैठे हैं उनमें दो तरह के लोग हैं, एक जो जनता के साथ खड़ा है,उनके लिए  लड़ता है, जो जनता की इज्जत करता है और उसके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है और दूसरा है जो जनता से कटा हुआ है, उनसे दूर बैठता है, उनकी इज्जत नहीं करता और उसमें से आधे भाजपा से मिले है, जब तक हमने इन दो को अलग नहीं किया तब तक गुजरात की जनता हमपर विश्वास नहीं कर सकती।

हमारा पहला काम ये जो दो ग्रुप हैं उन्हें अलग करना 

राहुल गांधी ने कहा गुजरात की जनता, व्यापारी, छोटे उद्योगपति, किसान, मजदूर, स्टूडेंट्स विपक्ष चाहते हैं, विकल्प चाहते हैं, बी टीम नहीं चाहते तो मेरी जिम्मेदारी इन दो ग्रुपों को छानने की है , पहला काम ये जो दो ग्रुप हैं उन्हें अलग करना है, अगर हमें सख्त कार्रवाई कर 10, 15, 20, 30, 40 लोगों को निकलना पड़े निकाल देना चाहिए। भाजपा के लिए अन्दर से काम कर रहे हो अब बाहर से काम करो तुम्हारी वहां जगह नहीं बनेगा बाहर फेंक देंगे तुम्हें।

नेता का हाथ कटे तो उसमें से कांग्रेस का खून निकलना चाहिए  

कांग्रेस सांसद ने कहा यदि हमारा कोई ब्लाक अध्यक्ष जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता है तो उसके दिल में कांग्रेस होनी चाहिए जीतने हारने की बात छोड़ दो,  बस हमारे ब्लाक अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, नेता जो भी हैं यदि उनका हाथ कटे तो उसमें से कांग्रेस का खून निकलना चाहिए, और संगठन का कंट्रोल उन लोगों के हाथ में जाना चाहिए। जैसे ही हम ये करेंगे तूफान जैसे गुजरात की जनता हमारे संगठन में आने की कोशिश करेगी और हमें उनके लिए दरवाजे खोलने पड़ेंगे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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