इन 5 बैंकों ने किया नियमों का उल्लंघन, RBI ने उठाया सख्त कदम, ठोका भारी-भरकम जुर्माना, पढ़ें पूरी खबर

इन 5 बैंकों ने किया नियमों का उल्लंघन, RBI ने उठाया सख्त कदम, ठोका भारी-भरकम जुर्माना, पढ़ें पूरी खबर

RBI Imposed Penalty Over Banks: अक्टूबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में ही रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने पांच सहकारी बैंकों पर भारी-भरकम जुर्माना ठोका है। बता दें कि पिछले सप्ताह आरबीआई ने चार  सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाया था। जिसमें से दो बैंक गुजरात और दो बैंक पश्चिम बंगाल के थे। 9 अक्टूबर को जारी किए गए रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के चार सहकारी बैंक और गुजरात के एक बैंक पर पेनल्टी लगाई गई है। इन सभी बैंकों बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।

इस बैंक पर लगा सबसे अधिक जुर्माना

आरबीआई ने गुजरात के किला पारदी में स्थित एसबीपीपी सहकारी बैंक लिमिटेड पर 13 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह बैंक “जाम पर ब्याज दर” से संबंधित निर्देशों का अनुपालन करने में असफल रहा। जांच के दौरान इन खामियों को देखते हुए कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया। प्रतिक्रिया से असंतुष्ट होने के बाद इन सभी बैंकों पर पेनल्टी लगाने का निर्णय लिया गया।

महाराष्ट्र के इन बैंकों पर लगा जुर्माना

  • महाराष्ट्र के कल्याण में स्थित द कल्याण जनता सहकारी बैंक लिमिटेड पर 4.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह बैंक” जमा पर ब्याज दर “और “जमा खातों के रखरखाव” पर जारी किए गए निर्देशों का पालन करने में विफल रहा।
  • “जमा खातों के रखरखाव- प्राथमिक सहकारी बैंकों” से जुड़े नियमों का उल्लंघ करने पर आरबीआई ने रहिमतपुर सहकारी बैंक लिमिटेड (सातारा, महाराष्ट्र) पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
  • मुंबई के सहयाद्री सहकारी बैंक लिमिटेड पर धारा 26 ए के उल्लंघन के लिए 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह बैंक “पर्यवेक्षी करवाई ढांचे” के तहत “केवाईसी” और “रख रखाव” पर जारी किए गए आरबीआई के निर्देशों का पालन करने में विफल रहा।
  • महाराष्ट्र के गदहिंगलाज को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह बैंक केवाईसी से संबंधित निर्देशों का पालन करने में असफल रहा।

ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर

आरबीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई बैंक की खामियों को देखते हुए लिया गया है। ग्राहकों और बैंक के बीच हो रहे लेनदेन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

Manisha Kumari Pandey
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