26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। पहली बार, भारतीय सेना की टुकड़ियां और हथियार पारंपरिक मार्च पास्ट की जगह युद्ध के मैदान की असली संरचना (बैटल फॉर्मेशन) में आगे बढ़ेंगी। दुनिया भारत की सैन्य ताकत का वह स्वरूप देखेगी, जैसा वह किसी जंग के दौरान होता है। इस ऐतिहासिक परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगी।
कर्तव्य पथ पर युद्ध की वास्तविक झलक
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस साल परेड की संरचना पूरी तरह से बदल दी गई है। अब तक सैन्य दस्ते और हथियार अलग-अलग मार्च करते थे, लेकिन इस बार उन्हें एक वास्तविक युद्ध परिदृश्य की तरह पेश किया जाएगा। परेड की शुरुआत हाई मोबिलिटी टोही वाहनों (HMRV) से होगी, जो किसी भी ऑपरेशन में सबसे आगे रहकर जानकारी जुटाते हैं।
इसके बाद आसमान में अपाचे और स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ एंटी-टैंक मिसाइलों के साथ उड़ान भरेंगे। फिर T-90 और अर्जुन जैसे मुख्य युद्धक टैंक, BMP-II, और नाग मिसाइल सिस्टम (NAMIS) का दस्ता आगे बढ़ेगा। इनके पीछे तोपखाने की बंदूकें, वायु रक्षा प्रणाली और मिसाइलें होंगी, जो युद्ध में कवर प्रदान करती हैं।
स्वदेशी हथियारों का दम देखेगी दुनिया
परेड में आत्मनिर्भर भारत की ताकत भी नजर आएगी। इसमें ब्रह्मोस, आकाश और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल बराक-8 का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) और धनुष तोपें भी कर्तव्य पथ पर गरजेंगी। ड्रोन शक्ति और ग्लेशियर ATV जैसे आधुनिक उपकरण भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
इन लड़ाकू दस्तों को सपोर्ट देने वाले लॉजिस्टिक्स वाहन, रोबोटिक कुत्ते, बैक्ट्रियन ऊंट और जांस्कर टट्टू भी इस फॉर्मेशन का हिस्सा होंगे। सबसे आखिर में इन्फेंट्री कॉलम और पहली बार शामिल हो रही भैरव लाइट कमांडो बटालियन का दस्ता राष्ट्रपति को सलामी देते हुए गुजरेगा। इस पूरे प्रदर्शन में लगभग 15 मिनट का समय लगेगा।
18 मार्चिंग दल और भव्य फ्लाईपास्ट
परेड में कुल 18 मार्चिंग दल और 13 बैंड हिस्सा लेंगे। राजपूत रेजिमेंट, असम रेजिमेंट, और लद्दाख स्काउट्स जैसे दस्ते अपने शौर्य का प्रदर्शन करेंगे। फ्लाईपास्ट में राफेल, Su-30, P8I, C-295, MiG-29, अपाचे, LCH, ALH और Mi-17 जैसे विमान और हेलीकॉप्टर विभिन्न फॉर्मेशन में आसमान में करतब दिखाएंगे। इस साल परेड का एक और मुख्य आकर्षण भारतीय वायुसेना (IAF) के पूर्व सैनिकों की झांकी होगी, जो राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को दर्शाएगी।





