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केरल चुनाव से पहले अटकलों पर विराम, खरगे-राहुल से मुलाकात के बाद शशि थरूर बोले- कांग्रेस में ही हूं, UDF के लिए प्रचार करूंगा

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी से नाराजगी और बीजेपी में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है। अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने साफ किया कि वह आगामी केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-UDF गठबंधन के लिए ही काम करेंगे।
केरल चुनाव से पहले अटकलों पर विराम, खरगे-राहुल से मुलाकात के बाद शशि थरूर बोले- कांग्रेस में ही हूं, UDF के लिए प्रचार करूंगा

नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने अपनी पार्टी से नाराजगी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी से मुलाकात के बाद थरूर ने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस में ही हैं और आगामी चुनाव में पार्टी की जीत के लिए पूरी तरह से जुटेंगे।

शनिवार को तिरुवनंतपुरम में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह केवल अपनी पार्टी कांग्रेस और उसके नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की केरल में जीत चाहते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि इन अटकलों पर अब विराम लगना चाहिए।

‘मेरी एक ही पार्टी है- कांग्रेस’

लंबे समय से चल रही अफवाहों को खारिज करते हुए थरूर ने कहा, “मेरी सिर्फ एक ही पार्टी है और वो है कांग्रेस।” उन्होंने मीडिया से भी अनुरोध किया कि उनसे बार-बार यह सवाल पूछना बंद कर देना चाहिए। इससे पहले शुक्रवार को भी उन्होंने यही बात दोहराते हुए कहा था कि वह कांग्रेस पार्टी को छोड़ने वाले नहीं हैं।

“मैं (केरल में) चुनाव प्रचार का हिस्सा बनूंगा और यूडीएफ की जीत के लिए काम करूंगा।”- शशि थरूर, कांग्रेस सांसद

थरूर का यह बयान उन कयासों के बाद आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वह केरल कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा उन्हें दरकिनार किए जाने से नाराज चल रहे हैं।

आलाकमान से मुलाकात के बाद दूर हुए गिले-शिकवे

दरअसल, गुरुवार को शशि थरूर ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन शिकायतों को दूर करना था, जो केरल कांग्रेस के भीतर उन्हें नजरअंदाज किए जाने की खबरों के बाद सामने आई थीं। बताया जा रहा है कि कोच्चि में हुए एक कार्यक्रम में हुए व्यवहार से वह नाखुश थे।

हालांकि, इस मुलाकात के बाद थरूर ने कहा, “सब ठीक है और सब एक साथ हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके संबंधों को लेकर जो भी कयास लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं।

केरल में सत्ता वापसी की चुनौती

यह पूरा घटनाक्रम केरल विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। कांग्रेस पिछले 10 वर्षों से राज्य की सत्ता से बाहर है और इस बार वापसी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। शशि थरूर राज्य में पार्टी के एक कद्दावर और लोकप्रिय नेता माने जाते हैं, जिनका अपना एक खास प्रभाव है। ऐसे में चुनाव प्रचार में उनकी सक्रिय भागीदारी कांग्रेस और यूडीएफ गठबंधन के लिए काफी अहमियत रखती है। पार्टी आलाकमान भी यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनाव से पहले सभी नेता एकजुट होकर मैदान में उतरें।