एक अनोखा पहाड़ जहां बने हैं 900 मंदिर, दुनिया के इकलौते शाकाहारी शहर में है मौजूद

Shatrunjaya mountain

Shatrunjaya Mountain: दुनिया में घूमने फिरने के लिए एक से बढ़कर एक जगह मौजूद है जो अपनी विविधताओं के चलते पहचानी जाती है। घूमने फिरने के शौकीन अक्सर ही अलग-अलग शहरों में मौजूद अलग-अलग जगहों पर जाकर नई नई चीजों को देखना पसंद करते हैं। बात चाहे नदी, पहाड़, झरने झील समुद्रों की करी जाए या फिर ऐतिहासिक और धार्मिक जगहों की सभी जगह सैलानियों की भीड़ भाड़ देखने को मिलती है।

आज हम आपको गुजरात में मौजूद एक ऐसे पहाड़ के बारे में बता रहे हैं, जो विविधताओं से भरा हुआ है और जब आप यहां की खासियत के बारे में सुनेंगे तो हैरान हो जाएंगे। दुनिया में ये इकलौता ऐसी जगह होगी जो इतनी विविधताओं से भरपूर है।

शत्रुंजय पर्वत पर है 900 मंदिर

भारत में स्थित शत्रुंजय पर्वत लोगों की आस्था का केंद्र है। ये इकलौता ऐसा पहाड़ है जिस पर 900 मंदिर बने हुए हैं और सभी का अपना इतिहास और महत्व है। यह पर्वत पालीताना शत्रुंजय नदी के तट पर भारत के गुजरात राज्य के भावनगर जिले से 50 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम में मौजूद है। कई सारे श्रद्धालु यहां पर अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं और यह बहुत ही प्रसिद्ध जगह हैं।

जैन धर्म का मुख्य तीर्थ

इस पर्वत पर जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने ध्यान किया था और अपना पहला उपदेश दिया था। यहां पर मुख्य मंदिर बहुत ऊंचाई पर स्थित है जिसके लिए 3000 सीढ़ियां चढ़कर जानी पड़ती है। जैन धर्म के 24 तीर्थकरों में से 23 तीर्थकर यहां पर पहुंचे थे। इस वजह से धार्मिक दृष्टि से यह जगह अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

रोशनी से दमकते मंदिर

इस पर्वत पर जो मंदिर बने हुए हैं उनका निर्माण संगमरमर से किया गया है और इनकी खूबसूरती आने वाले पर्यटकों को हैरान कर देती है। 11 वीं शताब्दी में निर्मित किए गए इन मंदिरों में विशेष ध्यानवान नक्काशी की गई है। जैसे सूरज की किरणे इन पर पड़ती है यह चमक उठते हैं और चंद्रमा की रोशनी में भी किसी दमकते मोती की तरह दिखाई देते हैं।

दुनिया का इकलौता शाकाहारी शहर

यह भव्य जगह दुनिया के इकलौते शाकाहारी शहर पालीताना में स्थित है। जो कानूनी रूप से शाकाहारी है और यहां पर मांसाहार का सेवन नहीं किया जाता है। इसकी यही खासियत इसे दुनिया के अन्य शहरों से अलग बनाती है। यहां मौजूद सभी मंदिरों में श्रद्धालु श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं और भगवान को नमन करते हैं।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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