राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का विरोध, बोला विपक्ष- ये राजनीतिक दलों के अधिकारों को सीमा में बांधने की कोशिश

प्रियंका गांधी भी अपने भाई राहुल गांधी के बचाव में सामने आई हैं, उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा - कौन सच्चा भारतीय है कौन नहीं है मुझे लगता है कि ये न्यायपालिका के दायरे में नहीं आता, कोई जज ये तय नहीं कर सकते।
Rahul Gandhi

सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहुल गांधी पर की गई तल्ख़ टिप्पणी के बाद से कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों में आक्रोश है, टिप्पणी सर्वोच्च अदालत ने की है तो खुलकर कोई कुछ नहीं कह रहा लेकिन मर्यादित शब्दों में कांग्रेस नेता टिप्पणी पर नाराजगी जता रहे हैं।

इंडिया ब्लाक की पार्टियों ने आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में एक संयुक्त बैठक की, बैठक में   मतदाता सूची का गहन विशेष परीक्षण SIR पर चर्चा हुई और उसके साथ साथ राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट के जज द्वारा की गई टिप्पणी पर चर्चा की गई।

नेता प्रतिपक्ष का ये दायित्व वे जनहित के मुद्दे सदन और बाहर उठायें 

लोकसभा के उपनेता गौरव गोगोई ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जज ने राहुल गांधी पर जो टिप्पणी की उसे लेकर सभी दलों का ये मानना है कि देश के मुद्दों को उठाना हमारा कर्तव्य है, विपक्ष का कर्तव्य है कि जनहित के मुद्दों को सदन के अंदर और बाहर देशहित और  उठाए। इसलिए हमें लगा कि सुप्रीम कोर्ट के जज की टिप्पणी बेहद चौंकाने वाली थी।

हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है कि वो सरकार से सवाल पूछे

कांग्रेस सांसद गोगोई ने कहा कि राजनीतिक दलों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट के जज ने टिप्पणी की है , जो कहीं न कहीं राजनीतिक दलों के अधिकारों को सीमा में बांधने की कोशिश है। उन्होंने कहा जब बात देश की सीमा की सुरक्षा की हो और सरकार सवालों के जवाब देने से कतराए, तो ये हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है कि वो सरकार से सवाल पूछे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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