मुर्शिदाबाद में 11 फरवरी से बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू, हुमायूं कबीर ने विरोध करने वालों को दी खुली चेतावनी

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में निलंबित तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर ने 11 फरवरी को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने विश्व हिंदू रक्षा परिषद के विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बीच उन्हें सीधे तौर पर चुनौती दी है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका है।
Humayun Kabir

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक और अब जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने 11 फरवरी को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू करने की घोषणा की है। यह ऐलान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने उत्तर प्रदेश से मुर्शिदाबाद तक मस्जिद निर्माण के विरोध में एक यात्रा निकालने की बात कही है।

इस संभावित टकराव को देखते हुए हुमायूं कबीर ने अपने विरोधियों को खुली और सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि वह किसी भी विरोध से डरने वाले नहीं हैं और निर्माण कार्य तय तारीख पर ही शुरू होगा। इस घोषणा के बाद से ही इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

‘यह अयोध्या नहीं, बंगाल है’

हुमायूं कबीर ने अपने बयान में बेहद तल्ख तेवर दिखाए। उन्होंने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह जगह उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल है और मुर्शिदाबाद का अपना एक ऐतिहासिक महत्व रहा है।

“मुझे इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता। यह अयोध्या और उत्तर प्रदेश नहीं है। यह भारतवर्ष का राज्य पश्चिम बंगाल है और उन्हीं जिलों में से एक है मुर्शिदाबाद। अगर इतनी ही शेखी बघारनी है तो 10 तारीख या 11 तारीख को उस जगह पर आकर दिखाओ, जहां बाबरी मस्जिद बन रही है! कितना मन का दूध पिया है कितना हिम्मत है, मैं हुमायूं कबीर खड़े होकर उसका मुकाबला करूंगा।”- हुमायूं कबीर, निलंबित TMC विधायक

उन्होंने आगे कहा, “हमें मस्जिद बनाने का कानूनी हक है और उस मस्जिद का नाम बाबरी हो या हुमायूं या शाहजहां, यह पूरी तरह से मेरे हक में है।”

हाल ही में हुआ था हमला

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब हुमायूं कबीर पर फरवरी महीने की शुरुआत में ही एक हमला हो चुका है। कबीर ने खुद आरोप लगाया था कि जब वह शब-ए-बारात के दौरान एक दोस्त के घर दावत पर गए थे, तब 25-30 गुंडों ने उन पर हमला कर दिया था। हमलावरों ने उनके खिलाफ ‘BJP का गद्दार’ जैसे नारे भी लगाए थे।

गौरतलब है कि हुमायूं कबीर हाल ही में ममता बनर्जी की पार्टी TMC से अलग हुए हैं और उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी है। हमले के बाद भी उन्होंने कहा था कि वह डरने वाले नहीं हैं और केवल ऊपरवाले से डरते हैं। उनके इस बयान के बाद अब मस्जिद निर्माण को लेकर दी गई चेतावनी ने राजनीतिक सरगर्मियां और तेज कर दी हैं।

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