राजभवन में आयोजित गवर्नर की चाय पार्टी का करेंगे बहिष्कार, एमके स्टालिन राज्यपाल से क्यों इतने खफा

यह विरोध तब शुरू हुआ जब गवर्नर रवि ने कुंभकोणम में कलैग्नर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए हाल ही में पारित विधेयक को मंजूरी देने के बजाय राष्ट्रपति को भेज दिया, जिससे विश्वविद्यालय के गठन में देरी हो रही है।
राजभवन में आयोजित गवर्नर की चाय पार्टी का करेंगे बहिष्कार, एमके स्टालिन राज्यपाल से क्यों इतने खफा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 15 अगस्त 2025 को राजभवन में आयोजित होने वाली गवर्नर की चाय पार्टी का बहिष्कार करने का फैसला किया है। उच्च शिक्षा मंत्री के कोवी चेझियान ने भी 18 और 19 अगस्त को अलगप्पा विश्वविद्यालय और तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल न होने की घोषणा की है। यह कदम राज्यपाल आरएन रवि के उन कार्यों के विरोध में उठाया गया है, जो राज्य के हितों के खिलाफ माने जा रहे हैं।

यह विरोध तब शुरू हुआ जब गवर्नर रवि ने कुंभकोणम में कलैग्नर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए हाल ही में पारित विधेयक को मंजूरी देने के बजाय राष्ट्रपति को भेज दिया, जिससे विश्वविद्यालय के गठन में देरी हो रही है। तमिलनाडु सरकार का आरोप है कि गवर्नर ने एक सुप्रीम कोर्ट मामले में भाजपा नेता वेंकटचलपति के तर्कों का समर्थन करते हुए एक पक्षपातपूर्ण जवाबी हलफनामा दायर किया, जो उनकी राजनीतिक पक्षधरता को दर्शाता है।

कुलपतियों की अनुपस्थिति

उच्च शिक्षा मंत्री चेझियान ने कहा कि कई विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की अनुपस्थिति से राज्य में उच्च शिक्षा प्रभावित हो रही है और यह गवर्नर के कार्यों का परिणाम है। हाल ही में तिरुनेलवेली में एक दीक्षांत समारोह में एक डॉक्टरेट छात्रा ने गवर्नर रवि से डिग्री लेने से इनकार कर दिया और इसके बजाय विश्वविद्यालय के कुलपति से डिग्री प्राप्त की।

विरोधी रवैये को बताया कारण

छात्रा, जो डीएमके नागरकोइल उप सचिव एम राजन की पत्नी हैं, ने गवर्नर के तमिल और तमिलनाडु विरोधी रवैये को इसका कारण बताया। यह घटना और सरकार का विरोध गवर्नर के कार्यों के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो तमिलनाडु में शिक्षा और प्रशासन को प्रभावित कर रहा है।

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