Teacher Recruitment:69000 शिक्षक भर्ती मामला, हाई कोर्ट ने चयन सूची की रद्द, सरकार को दोबारा रिव्यू करने का आदेश, 3 महीने का दिया समय

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UP Teacher Recruitment 2023 : उत्तर प्रदेश के शिक्षक भर्ती मामले में नया अपडेट सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चयन सूची को रद्द कर दिया है और राज्य सरकार को दोबारा रिव्यू करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने भर्ती परीक्षा के क्रम में आरक्षित वर्ग के अतिरिक्त 6800 अभ्यर्थियों की 5 जनवरी 2022 को जारी हुई चयन सूची को भी खारिज कर दिया। लखनऊ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के जस्टिस ओपी शुक्ला ने ये ऑर्डर दिया है।इस चयन सूची को यह कहते हुए चुनौती दी गई थी कि इसे बिना किसी विज्ञापन के जारी किया गया था।न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने 117 याचिकाओं का निस्तारण करते हुए यह फैसला सुनाया।

चयन सूची पर फिर विचार करें सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार को 69000 शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है, लखनऊ हाई कोर्ट ने 69000 सहायक शिक्षक भर्ती की मौजूदा लिस्ट को गलत माना है। इस मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को जून 2020 की सूची पर फिर से विचार करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा (ATRI)-2019 में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कोटा तय करने में  कई अवैध काम किए गए हैं।न्यायमूर्ति शुक्ला ने कहा कि एटीआरई 2019 में शामिल होने वाले आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के प्राप्तांकों और विवरण में कोई स्पष्टता नहीं थी, राज्य के अधिकारियों की ओर से इसके लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।

3 महीने में पूरी लिस्ट तैयार करने के निर्देश

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अंतिम सूची की समीक्षा अगले तीन महीने के भीतर उचित तरीके से आरक्षण तय कर करे।इसके अलावा हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 5 जनवरी, 2022 को जारी 68,000 शिक्षकों की चयन सूची को भी रद्द कर दिया है।हाई कोर्ट ने सरकार को 3 महीने में पूरी लिस्ट सही करने के निर्देश दिए। वही हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार उन शिक्षकों के समायोजन के लिए एक नीति तैयार करे, जिन्हें एक जून, 2020 की चयन सूची की समीक्षा के परिणाम स्वरूप होने वाले संशोधन के बाद पद से हटाया जा सकता है।

इन शिक्षकों को दी बड़ी राहत

हाई कोर्ट ने कहा ऐसे शिक्षक, जिन्हें नियुक्त किया गया है और पिछले दो वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे हैं, उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता। चाहे वे आरक्षित श्रेणी के हों या अनारक्षित श्रेणी के। राज्य सरकार उन शिक्षकों के समायोजन के लिए एक नीति तैयार करे जिन्हें एक जून 2020 की चयन सूची में संशोधन होने पर पद से हटाया जा सकता है।वही ऐसे सहायक अध्यापक जो कि वर्तमान समय में कार्यरत हैं, चयन सूची को संशोधित किए जाने की प्रक्रिया अपनाए जाने तक उनकी सेवा में किसी भी प्रकार का कोई हस्तक्षेप ना किया जाएं।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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