लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा संंविधान संशोधन बिल, दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सकी सरकार, नहीं मिला विपक्ष का साथ

महिला आरक्षण बिल से जुड़े तीनों बिल लोकसभा में पास नहीं हो सके। स्पीकर ओम बिरला ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। इस बिल को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत चाहिए था लेकिन सरकार वह नहीं जुटा पाई। इस बिल के गिरने के बाद प्रियंका गांधी ने इसे देश में लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया।
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लोकसभा में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को महिला आरक्षण से जुड़े तीन बिलों संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर वो​टिंग हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में नतीजे का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह बिल सदन में पारित नहीं सका। साथ ही बताया कि बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 358 के अनुसार कुल सदस्यों के बहुमत के द्वारा कम से कम दो तिहाई बहुमत से पारित नहीं हुआ। इसके साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक स्थगित करने का ऐलान किया है।

बता दें कि बिल को समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में सभी राजनीति दलों से अनुरोध किया था। इतना ही नहीं वोटिंग से पहले भी पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर बिल के समर्थन में वोट डालने की अपील की थी लेकिन बावजूद इसके बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया।

क्या बोले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू?

लोकसभा में महिला आरक्षण संबंधित तीनों बिल पास नहीं होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया।

बिल गिरने के बाद राहुल गांधी का बयान

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। राहुल गांधी ने कहा कि हमने संविधान पर इस हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत के राजनीतिक ढांचे को बदलने का एक तरीका है। महिलाओं के पीछे छिपकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है। यह शर्मनाक कृत्य है क्योंकि यह सब भारत की महिलाओं के नाम पर किया जा रहा है। इनता ही नहीं राहुल गांधी ने सदन में इन बिलों को छलावा करार दिया था।

देश में लोकतंत्र की बड़ी जीत- प्रियंका गांधी

इस बिल के गिरने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि यह महिला आरक्षण के बारे में नहीं था, बल्कि लोकतंत्र के बारे में था। हम सीमांकन को महिला आरक्षण से जोड़ने पर कभी सहमत नहीं हो सकते। यह मुमकिन नहीं था कि यह बिल पास हो। यह हमारे देश में लोकतंत्र के लिए एक बड़ी जीत है। जिन लोगों ने हाथरस, उन्नाव और मणिपुर में कोई एक्शन नहीं लिया, वे महिला विरोधी सोच की बात कर रहे हैं?

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग की स्थिति

बता दें कि महिला आरक्षण विधेयक से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल संसद में पारित नहीं हो सका। बिल के पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट मिले। इस दौरान लोकसभा में 528 सांसदों ने वोट डाले। विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। इस हिसाब से दो तिहाई 326 होता है। इस तरह बहुमत नहीं मिलने की वजह से यह विधेयक पास 28 वोट से गिर गया।

Shyam Dwivedi
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7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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