देश की आजादी से जुड़ी है इस स्पेशल Street Food की कहानी, दूर-दूर से पहुंचते हैं स्वाद के दीवाने

street food

Street Food India: भारत एक ऐसा देश है जो अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति के अलावा खाने-पीने की चीजों के लिए भी बहुत मशहूर है। हर राज्य में मौजूद हर शहर का अपना एक अलग स्वाद है। कुछ स्वाद ऐसे हैं जो एक बार खाने वालों की जुबान पर हमेशा के लिए चढ़ जाते हैं और लाजवाब चीजों का स्वाद लेने के लिए लोग दूर दूर से पहुंचते हैं।

चना हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद होता है यह तो सभी जानते हैं। अगर ये भुना हुआ हो तो सेहतमंद होने के साथ खाने में काफी टेस्टी भी लगता है। राजस्थान के हर घर में गेहूं की धाणी और भूंगडे शाम की चाय के साथ आपको खाने के लिए जरूर मिलेंगे। भीलवाड़ा के लोगों को तो यह बहुत ही ज्यादा पसंद है और शहर की दर्जनों दुकानों पर यह भूंगड़े तैयार किए जाते हैं। हम आपको भीलवाड़ा में इसकी सबसे चर्चित दुकान और इस स्ट्रीट फूड की भारतीय इतिहास से जुड़ी कहानी के बारे में बताते हैं।

फेमस Street Food है भूंगड़े

इस फेमस भूंगड़े का इतिहास आजादी के समय से जुड़ा हुआ है। बंटवारे के समय पाकिस्तान के सिंध प्रांत से यहां पहुंचे कोतानी परिवार ने इस दुकान को शुरू किया था। 1947 से शुरू हुई यह दुकान आज शहर की सबसे फेमस दुकान है।

कोतानी परिवार सिंध में रहने के दौरान यही काम करता था और अब इसकी 10वीं पीढ़ी भी इसी कारोबार से जुड़ी हुई है। दूर-दूर से यहां लोग भूगड़े खरीदने के लिए पहुंचते हैं और इसके अलावा उन्हें यहां नमकीन की अन्य वैरायटी भी मिलती हैं।

श्री काका की दुकान

भीलवाड़ा की इस दुकान पर रोस्टेड सिंग दाने, रोस्टेड चना, रोस्टेड हींग के चने, रोस्टेड नवरत्न मिक्सचर, मटर रोस्टेड, मोठ, ज्वार, रोस्टेड जो धानी, हींग जीरा, मल्टी ग्रेन, मूंग, लहसुन, गेहूं, पुदीना मुरमुरा, पॉपकॉर्न, खत्तैथा सिंग दाना, मुरमुरा चाट मसाला, सोयाबीन, रोस्टेड पोहा समेत करीब 50 से ज्यादा भूंगड़े चने की वैरायटी मौजूद है। इन सभी की कीमत 100 रुपए से लगाकर 240 रुपए किलो तक है। इस दुकान की हर चीज का स्वाद बहुत ही निराला है और शहर के साथ बाहर से आने वाले लोग भी यहां आना नहीं भूलते हैं।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews