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SIR के खिलाफ TMC का आंदोलन! 4 नवंबर को सड़क पर उतरेंगे ममता और अभिषेक बनर्जी, BJP पर लगाए ये आरोप

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने SIR खिलाफ आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने 4 नवंबर को कोलकाता की सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेंगे।
SIR के खिलाफ TMC का आंदोलन! 4 नवंबर को सड़क पर उतरेंगे ममता और अभिषेक बनर्जी, BJP पर लगाए ये आरोप

चुनाव आयोग (Election Commission) की ओर से देश भर में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करने के फैसले पर विपक्षी दल नाराज हो गए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र की बीजेपी (BJP) सरकार इस प्रक्रिया का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रही है। वहीं इसका अच्छा खास विरोध को पश्चिम बंगाम (West Bengal) में देखने को मिल रहा है। सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने SIR खिलाफ आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है।

बता दें कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी (SIR) प्रक्रिया एक विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान है। जो देश में दो चरणों में संपन्न होगी। ये प्रक्रिया अभी 12 राज्यों में लागू की गई ​है जिसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है। वहीं 2026 में विधानसभा चुनाव भी हैं। SIR के ऐलान के बाद ही ममता सरकार ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था। अब पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने 4 नवंबर को कोलकाता की सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करने का ऐलान किया है।

TMC ने लगाया ये आरोप

TMC का आरोप लगाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया घुसपैठियों को हटाने के बहाने असली वोटरों को निशाना बना रही है। पार्टी ने दो मामलों का हवाला दिया, जहां SIR के डर से लोगों ने आत्महत्या कर ली। वहीं पश्चिम बंगाल बीजेपी ने SIR का स्वागत किया है। बीजेपी पहले से ही राज्य में SIR प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रही थी। बीजेपी आरोप लगा रही थी कि ममता सरकार फर्जी वोटिंग के जरिए चुनाव जीत रही हैं।

TMC का आरोप है कि SIR के नाम पर असली मतदाताओं के नाम कटवाए जा रहे हैं, जो भाजपा की ‘फूट डालो-राज करो’ की साजिश का हिस्सा है। अभिषेक बनर्जी ने हालिया बूथ-स्तरीय एजेंटों की बैठक में कहा कि अगर एक भी वैध वोटर का नाम लिस्ट से गायब पाया गया, तो दिल्ली में चुनाव आयोग का दफ्तर एक लाख लोगों के साथ घेरा जाएगा।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी SIR को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि जब तक मैं जिंदा हूं, किसी को भी लोगों का मताधिकार छीनने नहीं दूंगी। यह भाषाई और सामाजिक विभाजन की साजिश है। पार्टी ने 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक पूरे राज्य में क्षेत्रवार हेल्प डेस्क लगाने का प्लान बनाया है, जहां लोग अपने नाम की जांच कर सकेंगे।

सहायता शिविर भी लगाएगी TMC

अभिषेक बनर्जी ने 31 अक्टूबर को ऐलान किया था कि 4 नवंबर से टीएमसी 2861 नगरपालिका वार्डों और 3345 ग्राम पंचायतों में 6200 मतदाता सहायता शिविर लगाएगी। ये शिविर लोगों को अपने नाम जांचने, दावे-आपत्तियां जमा करने और अनियमितताओं की शिकायत करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हर शिविर में लैपटॉप, प्रिंटर और वाई-फाई होगा। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक एक महीने चलेगा। लोगों के मुश्किल वक्त में संदेश साफ होना चाहिए कि सिर्फ तृणमूल कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।’ पार्टी का मतदाता संपर्क अभियान चरणबद्ध तरीके से 31 जनवरी तक चलेगा।

क्या है SIR?

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए चलाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट में केवल वही नाम हों जो वास्तव में वोट देने के योग्य हैं।

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Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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