NAMO HATTRICK लिखी केसरिया रंग की हुडी पहने संसद पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, बताई इसकी बड़ी वजह

Anurag Thakur

Anurag Thakur in Namo Hatrick hoodie : 17वीं लोकसभा के कार्यकाल के अंतिम दिन केंद्रीय खेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर एक अलग अंदाज में संसद पहुंचे, कभी कुर्ता और चूड़ीदार पजामा, कभी कोट सूट में दिखने वाले अनुराग ठाकुर आज एक खास हुडी में दिखाई दिए ,  वे केसरिया रंग की हुडी पहने थे जिसपर NAMO HATTRICK लिखा था, मीडिया की उनपर जब नजर पड़ी तो उन्होंने इसका कारण बताया।

17 वीं लोकसभा के अंतिम दिन अलग अंदाज में दिखे अनुराग ठकुर 

संसद के बजट सत्र का आज अंतिम दिन है इसके साथ ही 17 वीं लोकसभा के कार्यकाल का आज समापन हो जायेगा, इसके बाद लोकसभा चुनावों में बाद 18 वीं लोकसभा के गठन के समय यहाँ सांसद इकट्ठा होंगे, आज अंतिम दिन केंद्रीय खेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर केसरिया रंग की नमो हैट्रिक लिखी हुडी में दिखाई दिए।

NAMO HATTRICK लिखी केसरिया रंग की हुडी पहने पहुंचे केंद्रीय मंत्री 

मीडिया से बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने “तीसरी बार मोदी सरकार, अबकी बार 400 पार” नारे से अपनी बात की शुरुआत की , उन्होंने कहा – “नरेंद्र मोदी  हैट्रिक लगायेंगे और भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनायेंगे, वे तीसरी बार चुनकर आएंगे तो देश के गरीबों का और कल्याण करेंगे, भारत को और मजबूत करने का काम करेंगे, भारत का मान सम्मान बढ़ाने का काम करेंगे।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश में भाजपा एक इकलौती ऐसी पार्टी है जिसने जो वादे किये थे वो पूरे किये, जिस एजेंडे को लेकर चली पहले दिन से उसपर काम किया , धारा 370 हटाई, ट्रिपल तलाक से मुक्ति दिलाई और भव्य राम मंदिर भी बनाया अब  मोदी जी हैट्रिक भी लगायेंगे और देश को और आगे बढ़ाएंगे।

आपको बता दें कि बजट सत्र का आज अंतिम दिन है इसी के साथ 17 वीं लोकसभा का कार्यकाल समाप्त हो जायेगा, बताया जा रहा है कि सत्र का समापन 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर चर्चा के साथ होगा, भाजपा ने कल एक व्हिप जारी कर सभी सांसदों को आवश्यक रूप से दोनों सदनों में उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए थे।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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