भारत का अनोखा गांव जहां लोग खाना एक देश में खाते हैं और सोते दूसरे देश में हैं, यहां के मुखिया की हैं 60 पत्नियां

बता दें कि इस गांव के लोगों को दोनों ही देश की नागरिकता मिली हुई है। केवल इतना ही नहीं, यहां के मुखिया को एक से अधिक पत्नी रखने की छूट है।
भारत का अनोखा गांव जहां लोग खाना एक देश में खाते हैं और सोते दूसरे देश में हैं, यहां के मुखिया की हैं 60 पत्नियां

Unique Village In India : वैसे तो आए दिन हम दुनियाभर में ऐसी बहुत सी बातें सुनते हैं, जो अपने आप में अनोखा होता है। वहीं, भारत की बात करें तो यहां भी एक-से-बढ़कर एक चीजें हैं जो अपने आप में अलग महत्व रखती है। जिस कारण यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का भी केंद्र बना रहता है। अगर आप भी एडवेंचर्स और अनोखी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां के लोग खाना किसी एक देश में खाते हैं और सोने के लिए दूसरे देश में जाते हैं। यह जगह कहीं और नहीं, बल्कि भारत में ही स्थित है।

पहाड़ की वादियों में है बसा

अब मन में प्रश्न यह उठ रहा होगा कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। क्या यह संभव है कि रोज-रोज कोई एक देश में खाना खाए, तो दूसरे देश में सोने के लिए जाए। यह सुनने में बड़ा ही अजीब है, लेकिन यह बिल्कुल सच है। इस गांव की कहानी और भी ज्यादा मजेदार है, जिसे सुनकर आप अचंभित रह जाएंगे। सबसे बड़ी बात आपको हम यह बता दें कि एक देश से दूसरे देश में जाने के लिए उन्हें वीजा या पासपोर्ट की भी जरूरत नहीं होती है। यह गांव देखने में काफी ज्यादा सुंदर है। पहाड़ियों की गोद में बसे इस गांव में पर्यटकों की सालोंभर भीड़ देखने को मिलती है।

भारत का आखिरी गांव

दरअसल, हम लोंगवा गांव की बात कर रहे हैं जो भारत के नागालैंड और म्यांमार की सीमा पर स्थित है। यह मोन जिले में बसा एक खूबसूरत गांव है। इसे भारत का आखिरी गांव भी कहा जाता है। गांव के अलग-अलग हिस्सा होने के कारण कुछ-कुछ लोगों के घरों का किचन भारत में है, तो बेडरूम म्यांमार है। इसलिए खाना वह भारत में खाते हैं और सोते म्यांमार में है। केवल इतना ही नहीं खेती भी करने के लिए दोनों ही देश के लोग दोनों ही देश में जाते हैं।

अनोखी प्रथा

यहां कोयांक आदिवासी रहते हैं, जो बहुत ही खूंखार किस्म के माने जाते हैं। यहां के बारे में एक कहानी प्रचलित है, जहां लोगों के बीच दुश्मन का सिर काटने की परंपरा रही थी। जब कबीले की सत्ता को हासिल करने के लिए पड़ोसी गांव में उनकी लड़ाई होती थी, तब वह इंसान को मार कर उनके सिर को अपने साथ ले जाते थे। हालांकि, साल 1940 में इस प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। फिलहाल, यहां अब ऐसी कोई प्रथा नहीं रही है।

मुखिया की हैं 60 पत्नियां

इसके अलावा, यहां पर मुखिया प्रथा चलती आ रही है, जो कई गांवों का राजा होता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां के वर्तमान राजा का नाम वंशानुगत “द अंग” है। जिसका बेटा म्यांमार आर्मी में है। फिलहाल, उसके अंतर्गत 60 गांव शामिल है। जिनमें म्यांमार, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ गांव भी शामिल है। बता दें कि इस गांव के लोगों को भारत और म्यांमार दोनों ही देश की नागरिकता मिली हुई है। केवल इतना ही नहीं, यहां के मुखिया को एक से अधिक पत्नी रखने की छूट है। ऐसे में वर्तमान राजा की 60 पत्नियां है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
Sanjucta Pandit

सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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