
Vande Bharat Train : वंदे भारत ट्रेन का रंग में बदलाव किया गया है। यह अब नीले रंग की जगह केसरिया रंग में रंगी हुई नजर आएगी। जिसे लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नया रंग तिरंगे से प्रेरित है। फिलहाल नई केसरी वंदे भारत एक्सप्रेस को पटरी पर नहीं उतरी है। वर्तमान में यह चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में खड़ी है, जहां पर बंदे भारत ट्रेन का निर्माण किया जाता है। इसके अलावा, इस ट्रेन की सुविधा के हिसाब से कई छोटे-छोटे बदलाव किए गए हैं। आइए जानें विस्तार से…

रेल मंत्री ने किया निरीक्षण
इस समय देश भर में कुल 25 वंदे भारत ट्रेन चल रही है जबकि दो ट्रेनों को रिजर्व रखा गया है। वहीं, 28वीं ट्रेन को ट्रायल बेसिस पर केसरिया रंग दिया गया है। जिसका शनिवार को रेल मंत्री द्वारा निरीक्षण किया गया। साथ ही, दक्षिण रेलवे के सुरक्षा उपायों की समीक्षा भी की गई। इस दौरान रेल मंत्री ने कहा कि यह मेक इन इंडिया का कांसेप्ट है जो कि हमारे देश के इंजीनियर और टेक्नीशियन द्वारा डिजाइन की गई है। आगे उन्होंने कहा कि यूनिट फील्ड से मिलने वाले फीडबैक के हिसाब से वंदे भारत ट्रेन के सुविधाओं में कुछ बदलाव किया गया है।
Inspected Vande Bharat train production at ICF, Chennai. pic.twitter.com/9RXmL5q9zR
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) July 8, 2023
वंदे भारत में हुए ये बदलाव
वंदे भारत ट्रेन में यात्रियों की सुविधा को देखते हुए कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। यह बदलाव यात्रा को सुविधाजनक बनाने में बेहतर साबित होगा। आइए विस्तार से जानें ये बदलाव…
- सीटों में अच्छे कुशन का उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्री को आराम मिले। इसके अलावा, सीट के एंगल को आरामदायक बनाया जाएगा ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो।
- मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट को बेहतर की गई है, जिससे यात्री अपने मोबाइल डिवाइस को बहुत ही आसानी से चार्ज कर सकेंगे और अपनी यात्रा का लुफ्त उठा सकेंगे।
- एग्जीक्यूटिव चेयर कार में फुट रेस्ट की वृद्धि की जाएगी, जिससे वह अपने पैरों को आराम पूर्वक रख पाएंगे। साथ ही, लंबी यात्रा को आरामदायक तरीके से सफल कर पाएंगे।
- यात्रियों की सुविधा को देखते हुए वॉश बेसिन की गहराई बढ़ाई गई है, जिससे पानी के छींटे नहीं पड़ें ताकि यात्रिगण आराम से इसका प्रयोग कर सकें।
- टॉयलेट्स में बेहतर लाइटिंग की सुविधा दी गई है।
- इसके अलावा यात्री के सीट के पास रीडिंग लाइट सुधार किया गया है, जिससे रात के समय यात्री आराम से पठन-पाठन का आनंद ले सकेंगे।
पहली बार 2019 को दौड़ी थी वंदे भारत
बता दें कि पीएम मोदी ने पहली बार 15 फरवरी 2019 को पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी जो कि नई दिल्ली और वाराणसी के बीच चलाई गई थी। इस स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना की शुरूआत साल 2017 के बीच की गई थी। जिसे पूरा करने में 18 महीने का समय लगा था। ट्रेन ने कोटा-सवाई माधोपुर सेक्शन पर 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति हासिल की।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

