लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल, अमित शाह बोले- विपक्ष का उत्साह मनाना और जयनाद करना निंदनीय

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा बिल पास नहीं हुआ है। इस बिल को पास कराने के लिए संसद में दो-तिहाई 326 वोट चाहिए थे लेकिन बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े तो वहीं, विपक्ष में 230 वोट पड़े और यह बिल संसद में गिर गया। इसके बाद अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंनें कहा कि अब विपक्ष को हर चुनाव में और हर जगह 'महिलाओं के गुस्से' का सामना करना पड़ेगा।
Amit Shah

लोकसभा में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित बिल पास नहीं हो पाया। इस बिल को लेकर दो दिन सदन में बहस चली। विपक्ष ने सरकार पर कई सवाल भी उठाए। तो वहीं केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बिलों के लिए सभी राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा था लेकिन फिर भी सरकार को विपक्ष का साथ नहीं मिला। इस बिल को पास कराने के लिए सदन में दो-तिहाई 326 वोट चाहिए थे लेकिन बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े तो वहीं, विपक्ष में 230 वोट पड़े। इस तरह यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया।

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा बिल गिरने पर अमित शाह की प्रतिक्रिया

इस बिल के लोकसभा में गिरने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित​ शाह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा, आज लोकसभा में एक बहुत ही अजीब सीन देखने को मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए ज़रूरी संविधान संशोधन बिल पास नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले बिल को अस्वीकार करना, उस पर जश्न मनाना और उस पर जीत का नारा लगाना सच में बहुत निंदनीय और सोच से भी परे है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब देश की महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% रिज़र्वेशन नहीं मिलेगा, जो उनका हक़ था। कांग्रेस और उसके साथियों ने ऐसा पहली बार नहीं, बल्कि बार-बार किया है। उनकी सोच न तो महिलाओं के हित में है और न ही देश के। अमित शाह ने कहा, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि नारी शक्ति का यह अपमान यहीं नहीं रुकेगा, यह दूर-दूर तक जाएगा। विपक्ष को सिर्फ़ 2029 के लोकसभा चुनाव में ही नहीं, बल्कि हर लेवल पर, हर चुनाव में और हर जगह ‘महिलाओं के गुस्से’ का सामना करना पड़ेगा।

संसद परिसर में एनडीए म​हिला सांसदों का विरोध प्रदर्शन

बता दें कि संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 लोकसभा में पास नहीं हो पाने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सांसद पूनमबेन मादम ने कहा कि 2023 में यह तय हुआ था कि 2029 के आम चुनावों तक पूरे देश में महिला आरक्षण बिल लागू कर दिया जाएगा। जब सरकार यह बिल लेकर आई, तो राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडी गठबंधन ने इसका पूरी तरह से विरोध किया और बिल को पास होने से रोक दिया। देश की महिलाएं राहुल गांधी और इंडी गठबंधन को माफ नहीं करेंगी। उन्होंने बहुत बड़ा अन्याय किया और देश की महिलाओं के साथ धोखा किया।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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