जावद एसडीएम के निलंबन का विरोध, आदेश निरस्त करने की मांग

जावद एसडीएम के निलंबन का विरोध, आदेश निरस्त करने की मांग

नीमच| श्याम जाटव| कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच एक अधिकारी के निलंबन के खिलाफ प्रदेश भर के अधिकारी कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है| कोरोना महामारी के बढ़ते मामले को लेकर निलंबित किए गए जावद एसडीएम (Jawad SDM) दीपक चौहान के पक्ष में राजपत्रित अधिकारी संघ ने विरोध किया है और प्रदेश भर में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निलंबन रद्द करने की मांग की है|

इंदौर, भोपाल, जबलपुर, नीमच, खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी, सतना, सीधी, कटनी, मैहर,उज्जैन, देवास और अलीराजपुर सहित अन्य जिलों में राजपत्रित अधिकारी संघ द्वारा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर निलंबन आदेश निरस्त करने की मांग की गई है।

तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी जावद दीपक चौहान के कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किये गए प्रभावी कार्य व उनके कार्यकाल में कई अच्छे कार्यों का हवाला देकर अधिकारी के निलंबन को निरस्त करने की मांग की जा रही है| इंदौर में अपर कलेक्टर बीबीएस तोमर के नेतृत्व में एसडीएम अक्षय सिंह, अंशुल खरे व संतोष टैगोर सहित अधिकारियों ने अपर कलेक्टर दिनेश जैन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हवाला दिया गया कि जावेद एसडीएम दीपक चौहान पूरी लगन के साथ कोरोना महामारी की लड़ाई लड़ रहे है। उनके खिलाफ की गई एकपक्षिय कार्रवाई से राजपत्रित अधिकारी संघ का मनोबल टूट गया है। अगर सरकार उन्हें शीघ्र बहाल नहीं करेगी तो और कड़ा रुख अख्तियार किया जाएगा।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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