खेतों में ही बर्बाद हो गई सोयाबीन की फसल, रोटावेटर चलाने पर मजबूर किसान, बोले-“भावांतर नहीं हमें मुआवजा चाहिए”

मध्य पदेश में भारी वर्षा के कारण बर्बाद हुई सोयाबीन की फसल से परेशान किसान अब मुआवजा की आस लगाये बैठा है, किसान का आरोप है कि आदेश के बाद भी सर्वे नहीं हो रहा हम घर कैसे चलायें? मजबूरी में किसान खुद ही अपनी फसल नष्ट कर रहा है।
Neemuch farmer

मध्य प्रदेश में इस बार हुई अतिवर्षा ने सोयाबीन की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया है, प्रदेश के कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी पूरी फसल ही बर्बाद हो गई, अपनी मेहनत और उम्मीद पर पानी फिर जाने से किसान परेशान है, हालाँकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोयाबीन के लिए भावांतर योजना लागू करने की घोषणा की है लेकिन किसान खेतों में रोटावेटर चलाकर फसल को पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं, उनका कहना है उन्हें भावांतर नहीं मुआवजा चाहिए।

प्रदेश के दूसरे जिलों की तरह ही नीमच का सोयाबीन उत्पादक किसान भारी बारिश से बड़े संकट का सामना कर रहा है, खेत में खड़ी उसकी फसल बर्बाद हो गई और जो पौधे बच गए अब उसमें फलियां नहीं है, यानि पहले बारिश ने किसान की कमर तोड़ी और जो थोड़ी बहुत फसल बची तो अब वो अफलन से जूझ रहा है, इसलिए उसने पूरी फसल को ही उखाड़ फेंकने का कड़ा फैसला लिया है और खेत में रोटावेटर चला रहा है।

खेत में चलाया रोटावेटर, किसान का वीडियो वायरल  

नीमच के सावन कुंड गांव के किसान वीरेंद्र गोड़ ने अपनी चार बीघा में खड़ी सोयाबीन की फसल पर रोटावेटर चलाकर उसे नष्ट कर दिया। किसान का कहना है कि अत्यधिक बारिश के कारण फसल में फलियां नहीं लगीं। जिससे कटाई का खर्च भी निकालना मुश्किल हो गया था। किसान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वे अपनी बर्बाद हो चुकी फसल को दिखाते हुए अपनी पीड़ा बयां कर रहे हैं।

सोयाबीन में फलियां नहीं, फसल को कर रहे नष्ट 

किसान वीरेंद्र गोड़ वीडियो में कह रहे हैं कि सोयाबीन की फसल में फलियां बिल्कुल नहीं बनी हैं। ऐसे में फसल को कटवाने के लिए मज़दूरों को हजारों रुपये देना पड़ेंगे और उसकी लागत भी नहीं निकलेगी इससे तो अच्छा हम फसल को नष्ट ही कर दें।

किसान कर रहे मुआवजे की मांग 

उन्होंने सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भावांतर योजना शुरू करने का क्या फायदा जब फसल ही नहीं है, हम क्या करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें मुआवज़ा दिया जाए। गौरतलब है कि जिले में अत्यधिक बारिश से सोयाबीन की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने भी नुकसान का सर्वे करवाया है। लेकिन किसानों का कहना है कि केवल सर्वे से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए।

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर चुके हैं किसान 

आपको बता दें कि नीमच के किसान अपनी बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग कर रहे हैं, किसान इसे लेकर आंदोलन भी कर रहे हैं पिछले दिनों किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मुआवजा देने की मांग की थी, किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी सर्वे नहीं हो रहे और जहाँ हो रहे हैं वहां भेदभाव हो रहा है, किसानों ने उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

मेहनत और उम्मीद पर रोटावेटर चला रहा किसान 

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नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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