दिनदहाड़े सोना चोरी का चंद घंटों में खुलासा: मुनीम ही निकला मास्टरमाइंड, 65 ग्राम सोना जब्त

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 65 ग्राम सोने के लालच में मुनीम ने स्वयं लूट और बेहोशी का स्वांग रचा था, ताकि गबन को लूट का रूप दिया जा सके।
Neemuch Jewellers robbery exposed

Neemuch Jewellers robbery exposed

नीमच शहर में दिनदहाड़े 65 ग्राम सोना चोरी होने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने चंद घंटों में ही पर्दाफाश कर दिया। मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह रहा कि जिस मुनीम ने लूट की कहानी गढ़ी थी, वही मुख्य आरोपी निकला।

पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी ने अपने सेठ का सोना हड़पने की नीयत से झूठी चोरी की कहानी रची थी। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया, नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान एवं थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी के नेतृत्व में थाना नीमच कैंट व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे रची गई झूठी कहानी

2 मार्च 2026 को फरियादी मनीष सिंहल (56), निवासी तिलक मार्ग, ने थाना नीमच कैंट में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी “मंगलम ज्वेल्स” नामक दुकान से 65 ग्राम सोने का डल्ला टंच कराने के लिए मुनीम दिलखुश नागदा को भेजा गया था। लौटते समय उसने डॉक्टर फजल रहमान की गली में अज्ञात व्यक्ति द्वारा जेब से सोना निकालकर भाग जाने की बात कही। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 109/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्य से खुला राज

घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने घटनास्थल व आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और परिस्थितियों की पड़ताल में मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद मुनीम दिलखुश नागदा से मनोवैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर पूछताछ की गई, जिसमें वह टूट गया और झूठी कहानी रचने की बात स्वीकार कर ली, आरोपी दिलखुश पिता शांतिलाल नागदा (35), निवासी ग्राम बिसलवास बामनिया, थाना नीमच सिटी, ने सोना अपने पास ही छिपा रखा था। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 12 लाख रुपये कीमत का 65 ग्राम सोना बरामद कर विधिवत जब्त कर लिया।

व्यापारियों ने किया सम्मान

चंद घंटों में मामले का खुलासा होने पर सराफा व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल सहित पूरी टीम का पुष्पमाला, शॉल व श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। पुलिस अधीक्षक ने भी उत्कृष्ट कार्य के लिए टीम को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उत्साहवर्धन किया। इस त्वरित कार्रवाई से शहर में पुलिस की कार्यकुशलता और सतर्कता की सराहना हो रही है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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