पुलिस ने 705 किलो अवैध डोडाचूरा जब्त किया, वाहन को पायलट कर ले जा रही बाइक भी जब्त, तस्कर फरार

पुलिस ने वाहन को पायलट कर रही मोटरसाइकिल का जब पीछा किया तो उसे चला रहा व्यक्ति उसे रास्ते में छोड़कर भाग गया, पुलिस ने बाइक को भी मौके से जब्त कर लिया है।
Neemuch Police seize 705 kg poppy husk

Neemuch Police seize 705 kg poppy husk

पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाया गया 15 दिवसीय अभियान “नशे से दूरी है जरूरी” भले ही 30 जुलाई को खत्म हो गया लेकिन उसके परिणाम अभी भी आ रहे हैं, इसी क्रम में नीमच पुलिस ने नशीला पदार्थ लेकर जा रहे वाहन को पकड़कर उसमें से 705 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया है, पुलिस ने इस वाहन को पायलट कर रही बाइक को भी जब्त किया है लेकिन तस्कर पुलिस को चकमा देने में सफल हो गए।

पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि कंजार्डा चौकी पुलिस टीम को अवैध मादक पदार्थ के परिवहन की सटीक सूचना मिली थी। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने संभावित मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। इस दौरान एक संदिग्ध बोलेरो पिकअप को रोका गया तो उसे चला रहा तस्कर गाड़ी छोड़कर भाग गया, जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें से 705 किलो डोडाचूरा बरामद हुआ। तलाशी के दौरान एक देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस भी मिला। 

वाहन को पायलट कर रही बाइक छोड़ भागा तस्कर 

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि तस्कर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने और मुख्य वाहन को सुरक्षा देने के लिए एक मोटरसाइकिल से पायलटिंग कर रहे थे। पुलिस ने जब मोटरसाइकिल का पीछा किया तो उसे भी चला रहा व्यक्ति उसे रास्ते में छोड़कर भाग गया, पुलिस ने बाइक को भी मौके से जब्त कर लिया है।

पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ दर्ज किया मामला 

एसपी ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने शीतल धाकड़ नामक व्यक्ति को आरोपी बनाया है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और गिरोह की तलाश में आगे की विवेचना जारी है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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