आखिर क्यों किसानों ने फसल पर चढ़ाई फूलमाला, हनुमान चालीसा पाठ किया, पढ़ें खबर

किसानों ने कहा कि हमारे खेत सूख चुके हैं फलियां पीली पड़ चुकी हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा, किसानों ने मांग की कि हम जो फसल बीमा कराते हैं उससे हमें राशि दी जाये, किसानों ने अधिकारियों और बीमा कंपनियों के बीच सांठ गांठ के आरोप भी लगाये।
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मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश में बर्बाद हुई फसल से परेशान किसान अब फसल में बीमारी लगने से परेशान होने लगा है, प्रदेश के नीमच जिले के किसानों की सोयाबीन फसल पीली पड़ने और सूखने से किसानों को चिंता बढ़ गई है कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन से सहयोग नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने अनोखे तरीके से कलेक्ट्रेट पर विरोध  प्रदर्शन किया।

नीमच जिले के जावद तहसील अंतर्गत ग्राम पालराखेड़ा के किसानों ने खरीफ सीजन में सोयाबीन फसल को हुए भारी नुकसान को लेकर कलेक्टर कार्यालय पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सूखी हुई सोयाबीन की फसल को फूलमाला पहनाई, अगरबत्ती लगाई और “जय जवान मर गया किसान” के नारे लगाते हुए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस अनोखे प्रदर्शन ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा।

किसान परेशान,पौधे सूखे,शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा सर्वे 

किसानों का कहना है कि इस वर्ष गांव में सोयाबीन फसल पर पीला मोजेक रोग फैलने से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। रोग के चलते पौधे सूखने लगे हैं और फलन नहीं हो रहा, जिससे किसानों को भारी आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद राजस्व विभाग ने अब तक न तो खेतों का निरीक्षण किया है और न ही फसल नुकसान का सर्वे किया है।

प्रशासन ने फसल के नुकसान का आकलन का दिया भरोसा 

किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराकर बीमा और मुआवजा राशि प्रदान की जाए। किसानों का कहना है कि जब प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा, तब उन्होंने सोए हुए अधिकारियों को “जगाने” के लिए हनुमान चालीसा पाठ कर यह विरोध प्रदर्शन किया।
इस मामले में एसडीएम संजीव साहू ने कहा कि किसानों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर संज्ञान लिया गया है। जिले में प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा और जल्द ही खेतों का निरीक्षण कर फसल नुकसान का आकलन कराया जाएगा।

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नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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