आइसोलेशन सेंटर में महिला श्रमिक ने नवजात को दिया जन्म, दोनों स्वस्थ

आइसोलेशन सेंटर में महिला श्रमिक ने नवजात को दिया जन्म, दोनों स्वस्थ

पन्ना| लॉक डाउन के बीच मध्य प्रदेश के पन्ना में एक महिला श्रमिक ने आइसोलेशन सेंटर में एक नवजात शिशु को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। मां और नवजात की देखभाल की जा रही है| लॉक डाउन के बीच प्रदेश भर में मजदूर अपने घर पहुँच रहे हैं, जिन्हे आइसोलेशन सेंटर में रखा जा रहा है|

दरअसल, लॉक डाउन के चलते महानगरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर काम बन्द होने पर हजारों की संख्या में गृह गांव पहुंचे। जिले में भी 12 हजार से भी अधिक मजदूर बाहर से आये हैं, जिन्हे प्रशासन द्वारा छात्रावासों और विद्यालयों में 14 दिन के लिये आइसोलेशन में रखा गया है। अजयगढ़ तहसील अंतर्गत बने आइसोलेशन सेंटर बरियारपुर भूमियान के छात्रावास में रह रही महिला श्रमिक कल्ली बाई केवट ने शुक्रवार को एक नवजात शिशु को जन्म दिया। इस महिला श्रमिक का प्रसव आइसोलेशन सेंटर में स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा कराया गया।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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