राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट से दूरियों के सवाल पर कहा कि अब कोई मतभेद नहीं हैं. गुरुवार (31 जुलाई) को बीकानेर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सारी दूरियां खत्म हो चुकी हैं और कांग्रेस पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है. उन्होंने साफ किया कि पुराने विवादों को याद रखने से कामकाज प्रभावित होता है, इसलिए उन्हें भुलाना जरूरी है.
“पुरानी बातें भूलनी पड़ती हैं”
गहलोत ने कहा, “अगर पुरानी घटनाओं को याद रखेंगे तो आगे काम कैसे होगा. हमें मिलकर काम करना है और पार्टी को मजबूत बनाना है. मैं अपने कार्यकर्ताओं से भी कहता हूं कि पुरानी बातें भूल जाओ. कांग्रेस मजबूत होगी तो ही देश को बचाया जा सकता है.” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की एकजुटता ही लोकतंत्र और संविधान की रक्षा कर सकती है.
“फोटो-वोटो के चक्कर में नहीं पड़ता”
जब उनसे पूछा गया कि बीकानेर में लगे पोस्टरों में केवल उनकी तस्वीरें हैं, सचिन पायलट की नहीं, तो उन्होंने इसे छोटी बात बताया. गहलोत ने कहा, “कई जगह मेरे फोटो नहीं होते. कार्यकर्ता जिसे चाहे उसका पोस्टर लगाता है. मैं फोटो-वोटो के चक्कर में नहीं पड़ता हूं.” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान केवल संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर है, न कि प्रचार के तरीके पर.
राजस्थान भर में करेंगे दौरे, अमित शाह पर पलटवार
गहलोत ने कहा कि वे बीकानेर संभाग सहित पूरे राजस्थान में जाएंगे और जनता को समझाएंगे कि उनका भविष्य संविधान और लोकतंत्र की रक्षा पर निर्भर है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह पर पलटवार करते हुए कहा, “भगवान अमित शाह को लंबी उम्र दें, लेकिन इनके रहते हुए कांग्रेस सत्ता में आएगी.” उन्होंने याद दिलाया कि एक बार भैरोंसिंह शेखावत ने कहा था कि वह जीते जी कांग्रेस को सत्ता में नहीं आने देंगे, लेकिन आठ महीने बाद ही वे खुद मुख्यमंत्री बन गए. गहलोत ने कहा कि यही हाल अमित शाह का भी होगा.





