जयपुर नगर निगम हेरिटेज में बीजेपी पार्टी के 20 से अधिक पार्षदों ने अपनी ही मेयर कुसुम यादव और कमिश्नर के खिलाफ भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही के आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने निगम मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया और चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
भ्रष्टाचार के आरोप और घोटाले का दावा
बीजेपी पार्षद सुभाष व्यास ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा बोर्ड में 100 करोड़ रुपये की सीतारामपुरा बस्सी की सरकारी जमीन पर फर्जी पट्टे जारी किए गए। उन्होंने कहा कि मेयर को पहले ही चेताया गया था कि गलत पट्टे पास नहीं हों, लेकिन इसके बावजूद भ्रष्टाचार कर घोटाला किया गया। व्यास ने मांग की कि इसमें शामिल सभी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष एजेंसी से जांच हो और फर्जी पट्टे तत्काल रद्द किए जाएं।
धरने पर भजन-कीर्तन का सहारा
पार्षदों ने न केवल धरना दिया बल्कि मेयर और कमिश्नर की ‘सद्बुद्धि’ के लिए भजन-कीर्तन भी किया। निगम मुख्यालय में माहौल तनावपूर्ण है और पार्षदों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा।
बढ़ सकता है विवाद, BJP में अंदरूनी खींचतान तेज
इस विरोध ने पार्टी के भीतर गहरी खींचतान को उजागर कर दिया है। मेयर और कमिश्नर पर लगे आरोपों के चलते निगम की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी नेतृत्व पर भी दबाव बढ़ सकता है कि वह मामले में हस्तक्षेप करे और समाधान निकाले, वरना भूख हड़ताल और बड़े आंदोलन की चेतावनी ने हालात को और गंभीर बना दिया है।





