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‘प्यार’ का ‘बवाल’! प्रेमी-प्रेमिका के घर छोड़कर भागने पर हंगामा, BJP नेता के घर पर हमला, जानें पूरा मामला

Written by:Deepak Kumar
Published:
‘प्यार’ का ‘बवाल’! प्रेमी-प्रेमिका के घर छोड़कर भागने पर हंगामा, BJP नेता के घर पर हमला, जानें पूरा मामला

भरतपुर जिले के रुदावल थाना क्षेत्र के बसई गांव में जातीय विवाद ने तूल पकड़ लिया है। दलित समाज के एक युवक पर आरोप है कि उसने राजपूत समाज की नाबालिग लड़की को भगाकर ले गया। राजपूत समाज का आरोप है कि पूर्व बीजेपी विधायक बच्चू बंसीवाल, जो स्वयं दलित समाज से हैं, उस युवक की मदद कर रहे हैं। इस आरोप के बाद 11 सितंबर को राजपूत समाज के लोगों ने पूर्व विधायक के घर हमला कर दिया। हमले में उनके भाई और अन्य परिजन घायल हो गए। इसके बाद गांव में जातीय तनाव फैल गया।

पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप

हमले के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, लेकिन राजपूत समाज ने पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। पंचायत में समाज के लोगों ने कहा कि पूर्व विधायक बंसीवाल के दबाव में पुलिस प्रशासन उनके घरों को निशाना बना रहा है। आरोप है कि पुलिस ने घरों में तोड़फोड़ की, गाड़ियां तोड़ीं और महिलाओं से मारपीट की। इससे गांव में और रोष फैल गया। पंचायत में सभी समाज के लोगों ने एकजुट होकर विरोध जताया और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। मामला अब राजनीतिक रूप ले चुका है।

विधायक ऋतु बनावत ने की पुलिस कार्रवाई की मांग

रूपवास क्षेत्र के धाना खेड़ली में पंचायत हुई, जिसमें बयाना से विधायक ऋतु बनावत भी शामिल हुईं। उन्होंने समाज के लोगों की समस्याएं सुनीं और तुरंत रुदावल थाना पहुंचकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने पुलिस द्वारा की गई तोड़फोड़ और मारपीट की निंदा की और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद विधायक थाने में ही धरने पर बैठ गईं। उनका कहना है कि निर्दोष परिवारों पर अत्याचार नहीं सहा जाएगा और प्रशासन को निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए।

जातीय विवाद से राजनीति में हलचल

बसई गांव में हुआ विवाद अब राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। पूर्व विधायक बच्चू बंसीवाल पर लगाए आरोपों ने राजनीतिक रंग ले लिया है। वहीं विधायक ऋतु बनावत का थाने में धरना देना प्रशासन पर दबाव बढ़ाने जैसा है। गांव की नाबालिग लड़की अब सुरक्षित लौट आई है, लेकिन जातीय तनाव और आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। समाज के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए न्याय की मांग की है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक मंचों पर भी गरमाता रहेगा।