भरतपुर के बरसो गांव में मंदिर पर बोर्ड लगाने को लेकर दो गांवों में हुआ गंभीर विवाद, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर थाना क्षेत्र में दान की जमीन पर बने एक मंदिर पर बोर्ड लगाने को लेकर दो गांव आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भांजनी पड़ी। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
भरतपुर के बरसो गांव में मंदिर पर बोर्ड लगाने को लेकर दो गांवों में हुआ गंभीर विवाद, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

राजस्थान के भरतपुर जिले में शनिवार को एक मंदिर पर बोर्ड लगाने को लेकर दो गांवों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बरसो में यह विवाद हुआ, जहां दान में दी गई जमीन पर बने मंदिर को लेकर बरसो और पड़ोसी गांव घासोला के लोग आमने-सामने आ गए। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया।

जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब घासोला गांव के कुछ लोग बरसो गांव स्थित मंदिर पहुंचे और वहां अपने गांव के दानदाताओं (भामाशाह) के नाम का एक बोर्ड लगा दिया। उनका दावा था कि मंदिर की जमीन उनकी है। इस पर बरसो गांव के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और बोर्ड लगाने का विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

दान की जमीन पर दावे को लेकर बढ़ा विवाद

यह मंदिर बरसो गांव की सीमा में बना हुआ है, लेकिन घासोला गांव के लोग भी इस पर अपना हक जताते हैं। शनिवार को जब घासोला गांव के लोगों ने अपने नाम का बोर्ड लगाया, तो बरसो गांव के निवासी भड़क गए। देखते ही देखते दोनों गांवों के लोग मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए और माहौल गरमा गया। हंगामे और टकराव की आशंका को देखते हुए किसी ने पुलिस को सूचित कर दिया।

सूचना पर सेवर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब लोग शांत नहीं हुए तो पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद लोग वहां से तितर-बितर हुए। गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

सहमति से लगेगा बोर्ड: पुलिस

इस पूरे मामले पर ग्रामीण क्षेत्राधिकारी (सीओ) कन्हैया लाल ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों गांवों के लोग इस मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं।

“मंदिर में दोनों गांव के लोग पूजा करते है। आज बोर्ड लगाने को लेकर दोनों पक्षों के लोग मंदिर पर इकठ्ठा हुए थे, जिनकी समझाइश कर वापस भेज दिया गया है। उन्होंन स्पष्ट किया है कि मंदिर में दोनों पक्षों सहमति से बोर्ड लगेगा।” — कन्हैया लाल, ग्रामीण क्षेत्राधिकारी (सीओ)

हालांकि, अधिकारी के आश्वासन के बावजूद जमीन पर अपने-अपने हक को लेकर दोनों गांवों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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